विजेंद्र गुप्ता का बड़ा मिशन: हिंदू कॉलेज में खुला लोकतंत्र का सीक्रेट स्टॉल, युवा रह गए हैरान
नई दिल्ली। भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत बनाने में युवाओं की भूमिका कितनी निर्णायक है, इसका जीवंत उदाहरण दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन ‘संवाद 2026’ में देखने को मिला। इस सम्मेलन में दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने न केवल विधानसभा सचिवालय के स्टॉल का उद्घाटन किया, बल्कि युवाओं को संविधान, संसद और राष्ट्र सेवा के मूल्यों से जुड़ने का स्पष्ट संदेश भी दिया।
यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि लोकतंत्र को समझने और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
विधानसभा स्टॉल बना लोकतांत्रिक शिक्षा का केंद्र
सम्मेलन में दिल्ली विधान सभा सचिवालय द्वारा लगाए गए स्टॉल में विधानसभा के इतिहास, कार्यप्रणाली और संवैधानिक भूमिका से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्री प्रदर्शित की गई। इस दौरान विशेष रूप से स्मारक प्रकाशन “शताब्दी-यात्रा: विट्ठलभाई की गौरव गाथा” और कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया गया।
स्टॉल पर महान संसदीय नेता विट्ठलभाई पटेल के जीवन और योगदान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसने छात्रों के बीच लोकतांत्रिक संस्थाओं के इतिहास को लेकर गहरी रुचि पैदा की।
अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने घोषणा की कि यह स्मारक पुस्तक हिंदू कॉलेज के पुस्तकालय में रखी जाएगी, ताकि छात्र और शोधकर्ता संसदीय परंपराओं और लोकतंत्र के विकास को समझ सकें।
युवाओं को दिया संदेश: लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब युवा जुड़ेंगे
छात्रों को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा—
“लोकतंत्र तभी फलता-फूलता है, जब युवा उसकी प्रक्रियाओं, इतिहास और मूल्यों से सार्थक रूप से जुड़ते हैं।”
उन्होंने विट्ठलभाई पटेल के जीवन को सैद्धांतिक नेतृत्व और संसदीय प्रतिबद्धता का आदर्श बताते हुए युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
यह संदेश वर्तमान समय में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है, जब युवाओं की राजनीतिक और संवैधानिक भागीदारी को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
भारतीय वायु सेना का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र
सम्मेलन में भारतीय वायु सेना का स्टॉल भी खास आकर्षण का केंद्र रहा। विधानसभा अध्यक्ष ने स्टॉल का अवलोकन किया और वहां मौजूद अधिकारियों से बातचीत की।
उन्होंने फ्लाइट सिम्युलेटर का अनुभव लिया और रक्षा क्षेत्र में हो रही तकनीकी प्रगति की सराहना की।
इस दौरान उन्होंने युवाओं से सशस्त्र बलों में शामिल होकर देश सेवा करने का आह्वान करते हुए कहा कि—
“सेवा, अनुशासन और समर्पण राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव हैं।”
विश्लेषण: लोकतंत्र और युवाओं के बीच दूरी कम करने की रणनीति
‘संवाद 2026’ केवल एक कॉलेज सम्मेलन नहीं, बल्कि एक व्यापक रणनीतिक पहल के रूप में सामने आया है, जिसके माध्यम से—
- युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़ा जा रहा है
- संवैधानिक जागरूकता बढ़ाई जा रही है
- संसद और विधानसभाओं के कामकाज को समझाया जा रहा है
- युवाओं में राष्ट्र सेवा और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा रही है
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम लोकतंत्र के भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हिंदू कॉलेज और विधानसभा के बीच मजबूत हुआ शैक्षणिक-संवैधानिक संबंध
इस अवसर पर हिंदू कॉलेज प्रशासन ने विधानसभा अध्यक्ष को कॉलेज की स्मारक कॉफी टेबल बुक ‘विरासत’ भेंट कर सम्मानित किया।
यह पहल शैक्षणिक संस्थानों और संवैधानिक संस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह आयोजन?
✔ युवाओं में लोकतांत्रिक जागरूकता बढ़ी✔ विधानसभा की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला✔ संसदीय इतिहास से छात्रों का जुड़ाव हुआ✔ सशस्त्र बलों में करियर के प्रति प्रेरणा मिली✔ लोकतंत्र और शिक्षा के बीच नया संवाद स्थापित हुआ
निष्कर्ष: ‘संवाद 2026’ ने दिखाया लोकतंत्र का भविष्य युवाओं के हाथ में
हिंदू कॉलेज में आयोजित ‘संवाद 2026’ ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत का लोकतंत्र केवल संसद और विधानसभाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका भविष्य देश के युवाओं के हाथ में है।
दिल्ली विधान सभा की इस पहल ने यह साबित किया है कि जब संवैधानिक संस्थाएं युवाओं तक पहुंचती हैं, तो लोकतंत्र और मजबूत होता है।
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