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AI से बदलेगी खेती की तस्वीर: बिजनौर में प्रगतिशील किसानों को विशेष प्रशिक्षण, अब 155261 पर मिलेगा सीधा समाधान

AI से बदलेगी खेती की तस्वीर: बिजनौर में प्रगतिशील किसानों को विशेष प्रशिक्षण, अब 155261 पर मिलेगा सीधा समाधान

विशेष विश्लेषणात्मक रिपोर्ट अवनीश त्यागी 

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 खेतों में भी AI का प्रवेश, किसान बनेंगे टेक्नोलॉजी-सक्षम

बिजनौर। भारत में खेती अब पारंपरिक तरीके से निकलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्मार्ट फार्मिंग की ओर तेजी से बढ़ रही है। इसी क्रम में बिजनौर जनपद में प्रगतिशील किसानों को AI आधारित कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे किसान उत्पादन बढ़ाने, लागत घटाने और मौसम जोखिम से बचाव करने में सक्षम बन सकें।

इस पहल को भारत सरकार की डिजिटल कृषि मिशन रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। साथ ही किसानों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 155261 जारी किया गया है, जिससे किसान सीधे कृषि विशेषज्ञों से जुड़ सकेंगे।

 क्या है AI आधारित कृषि और कैसे बदलेगी किसानों की किस्मत?

AI तकनीक के माध्यम से अब किसान निम्न सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे:

  • फसल रोग की पहचान मोबाइल से
  • मौसम आधारित सटीक खेती सलाह
  • स्मार्ट सिंचाई प्रबंधन
  • मिट्टी की गुणवत्ता के अनुसार फसल चयन
  • उत्पादन और बाजार मूल्य का पूर्व अनुमान

विशेषज्ञों के अनुसार, इससे 20–30% तक उत्पादन बढ़ सकता है और लागत में 15–20% तक कमी संभव है।

155261: किसानों के लिए AI आधारित हेल्पलाइन

किसान कॉल सेंटर से जुड़ा टोल फ्री नंबर 155261 अब AI इंटीग्रेशन के साथ और अधिक प्रभावी हो गया है।

किसान इस नंबर पर कॉल करके प्राप्त कर सकते हैं:
  • फसल रोग समाधान
  • मौसम आधारित खेती सलाह
  • नई तकनीक की जानकारी
  • सरकारी योजनाओं का मार्गदर्शन

यह सेवा सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध रहती है।

📍 बिजनौर में क्यों खास है यह पहल?

बिजनौर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख कृषि क्षेत्र है, जहां मुख्य रूप से:

  • गन्ना
  • गेहूं
  • धान
  • आम

की खेती होती है।

AI तकनीक से यहां के किसानों को विशेष लाभ मिलेगा क्योंकि:

  • मौसम परिवर्तन का जोखिम अधिक है
  • बड़े पैमाने पर बागवानी होती है
  • आधुनिक खेती की संभावनाएं अधिक हैं

प्रशिक्षण प्राप्त किसानों ने क्या कहा?

प्रशिक्षण प्राप्त किसानों के अनुसार:

“अब मोबाइल से फोटो भेजकर फसल की बीमारी का समाधान मिल रहा है, जिससे समय और पैसा दोनों बच रहे हैं।”

विश्लेषण: कृषि में AI क्यों है गेम चेंजर?

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पहल:

  • किसानों की आय दोगुनी करने में सहायक
  • खेती को वैज्ञानिक और लाभकारी बनाने वाली
  • युवा पीढ़ी को खेती से जोड़ने वाली
  • कृषि को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाने वाली

चुनौतियां भी हैं

हालांकि कुछ चुनौतियां भी सामने हैं:

  • ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता की कमी
  • इंटरनेट कनेक्टिविटी समस्या
  • छोटे किसानों में तकनीक अपनाने की धीमी गति

लेकिन सरकार प्रशिक्षण और जागरूकता से इसे दूर करने में लगी है।

निष्कर्ष: अब “स्मार्ट किसान” बनने का समय

AI आधारित कृषि भारत में खेती की दिशा बदल सकती है। बिजनौर में इसकी शुरुआत यह संकेत देती है कि आने वाले समय में किसान मोबाइल और AI के जरिए ही खेती का पूरा प्रबंधन करेंगे।

155261 नंबर किसानों के लिए एक डिजिटल लाइफलाइन साबित हो सकता है।

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