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EXCLUSIVE INVESTIGATION बिजनौर में ‘आम के बागों का महाविनाश’! कॉलोनाइजर-लकड़ी माफिया का गठजोड़, सैकड़ों बीघा हरियाली साफ, सिस्टम पर गंभीर सवाल

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बिजनौर में ‘आम के बागों का महाविनाश’! कॉलोनाइजर-लकड़ी माफिया का गठजोड़, सैकड़ों बीघा हरियाली साफ, सिस्टम पर गंभीर सवाल

बिजनौर | डिजिटल डेस्क के लिए अवनीश त्यागी विशेष जांच रिपोर्ट।
जनपद बिजनौर में आम के हरे-भरे बागों का बड़े पैमाने पर सफाया किए जाने का मामला अब एक संगठित “ग्रीन किलिंग नेटवर्क” के रूप में सामने आ रहा है। मंडावर से लेकर नजीबाबाद, धामपुर, नहटौर और बिजनौर मुख्यालय तक—हर जगह कथित तौर पर कॉलोनाइजर और लकड़ी माफिया वैध अनुमति की आड़ में सैकड़ों बीघा बागों को खत्म कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों और सूत्रों का दावा है कि यह सब बिना वन और प्रशासनिक अधिकारियों की जानकारी और कथित संलिप्तता के संभव नहीं है।

मंडावर: वैध अनुमति की आड़ में तीन बागों का पूरी तरह सफाया

मंडावर क्षेत्र में कॉलोनाइजरों ने कथित रूप से अनुमति का सहारा लेकर तीन बड़े आम के बागों को पूरी तरह साफ कर दिया।

ग्रामीणों के अनुसार:

  • पहले सीमित पेड़ों की अनुमति ली गई
  • बाद में पूरे बाग पर इलेक्ट्रिक आरा चला
  • अब वहां कॉलोनी विकसित करने की तैयारी चल रही है

यह मामला “परमिशन के दुरुपयोग” का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

नहटौर: लकड़ी माफिया और अधिकारियों की सांठगांठ का आरोप

नहटौर क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर आम के बागों को पूरी तरह काट दिया गया।

स्थानीय लोगों का आरोप है:

  • लकड़ी माफिया ने दिनदहाड़े कटान किया
  • वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची
  • शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई

इससे विभागीय भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

NHAI किनारे बाग बने कॉलोनाइजर का टारगेट

 धामपुर

धामपुर में नेशनल हाईवे किनारे स्थित आम का बाग कॉलोनाइजर के निशाने पर आ गया।

सूत्रों के अनुसार:

  • हाईवे के पास होने के कारण जमीन की कीमत अधिक है
  • इसी वजह से बाग को काटकर प्लॉटिंग की तैयारी की जा रही है

 नजीबाबाद

नजीबाबाद में भी NHAI किनारे स्थित आम का बाग पूरी तरह साफ कर दिया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि:

  • यह कटान हाल ही में हुआ
  • भारी मशीनों का उपयोग किया गया

बढ़ापुर: लकड़ी माफिया का खुला खेल

बढ़ापुर क्षेत्र में लकड़ी माफिया ने एक और आम का बाग पूरी तरह खत्म कर दिया।

ग्रामीणों का कहना है:

  • रात-दिन कटान चलता रहा
  • विभागीय रोक-टोक नहीं हुई

बिजनौर मुख्यालय: बख्शीवाला में आज चला कुल्हाड़ा

बिजनौर मुख्यालय के बख्शीवाला क्षेत्र में आज ही आम के बाग पर लकड़ी माफिया ने कुल्हाड़ा चला दिया।

यह घटना बताती है कि:

  • अवैध कटान का सिलसिला अभी भी जारी है
  • प्रशासनिक कार्रवाई का प्रभाव नजर नहीं आ रहा

सैकड़ों बीघा हरियाली खत्म, पर्यावरण पर बड़ा संकट

सूत्रों का अनुमान है कि:

  • पूरे जनपद में कई सौ बीघा आम के बाग खत्म हो चुके हैं
  • इससे पर्यावरण संतुलन पर गंभीर असर पड़ सकता है

विशेषज्ञों के अनुसार इसके परिणाम:

  • तापमान में वृद्धि
  • ऑक्सीजन स्तर में कमी
  • किसानों की आय पर असर
  • जैव विविधता को नुकसान

क्या बिना प्रशासनिक संलिप्तता संभव है इतना बड़ा कटान?

यह सबसे बड़ा सवाल है।

स्थानीय लोगों का कहना है:

  • इतने बड़े स्तर पर कटान बिना विभागीय जानकारी संभव नहीं
  • परमिशन प्रक्रिया की जांच जरूरी है
  • जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए

शासनादेशों पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश में हरे पेड़ों की कटाई को लेकर सख्त नियम हैं, लेकिन बिजनौर में:

  • अनुमति से अधिक कटान
  • खुलेआम मशीनों का उपयोग
  • और लगातार हो रही घटनाएं

शासनादेशों की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं।

जांच और कार्रवाई की मांग तेज

अब स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है:

  • पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो
  • अवैध कटान पर तुरंत रोक लगे
  • दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो

विश्लेषण: हरियाली से रियल एस्टेट तक – बदलता बिजनौर

जिस तेजी से आम के बाग खत्म हो रहे हैं, वह संकेत देता है कि:

  • कृषि भूमि को कॉलोनी में बदला जा रहा है
  • लकड़ी और जमीन दोनों से मुनाफा कमाया जा रहा है

यदि यही स्थिति रही तो आने वाले वर्षों में बिजनौर की पहचान रहे आम के बाग इतिहास बन सकते हैं।

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1 thought on “EXCLUSIVE INVESTIGATION बिजनौर में ‘आम के बागों का महाविनाश’! कॉलोनाइजर-लकड़ी माफिया का गठजोड़, सैकड़ों बीघा हरियाली साफ, सिस्टम पर गंभीर सवाल”

  1. संबंधित विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना किसी भी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध कार्य हो ही नहीं सकता। यही कटु सत्य है।

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