खाद–कीटनाशक की दुकान अब किसान रजिस्ट्री का गेटवे: बिजनौर में डीएम जसजीत कौर का सख्त अल्टीमेटम

बिजनौर, 04 फरवरी 2026 | डिजिटल न्यूज डेस्क
अब खाद और कीटनाशक की दुकान केवल खरीद-फरोख्त का स्थान नहीं रहेगी, बल्कि वहीं से तय होगा कि किसान सरकारी योजनाओं का लाभ पाएगा या नहीं। बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी अनुशासन लागू करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य हथियार बना दिया है। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित कीटनाशक एवं उर्वरक विक्रेताओं की प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रशासन का यह सख्त संदेश साफ-साफ सामने आया।
किसान आए, पहले रजिस्ट्री दिखाए—बिल पर नंबर अनिवार्य
डीएम जसजीत कौर ने सभी उर्वरक और कीटनाशक विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि
- हर किसान से फार्मर रजिस्ट्री नंबर पूछना अनिवार्य होगा
- पंजीकृत किसान का रजिस्ट्री नंबर बिल पर दर्ज करना होगा
- अपंजीकृत किसानों को मौके पर ही रजिस्ट्री के लाभ समझाकर तत्काल पंजीकरण के लिए प्रेरित करना होगा
उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के बिना किसान योजनाओं की असली पहुंच संभव नहीं है। यह व्यवस्था किसानों के डेटा को मजबूत करेगी और योजनाओं में होने वाले फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगाएगी।
नकली खाद बेची तो लाइसेंस गया—कानूनी कार्रवाई तय
जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि
- दुकानों पर केवल मानक और प्रमाणित ब्रांड के उर्वरक व कीटनाशक ही रखे जाएं
- नकली खाद या दवा बेचने की शिकायत यदि प्रमाणित हुई, तो
- विक्रेता का लाइसेंस तत्काल निरस्त होगा
- संबंधित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी
प्रशासन का यह रुख साफ संकेत देता है कि अब किसान की फसल और मिट्टी से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
रोजाना होगी निगरानी, बनेगा नया मॉनिटरिंग सिस्टम
डीएम ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिए कि
- फार्मर रजिस्ट्री में विक्रेताओं की भूमिका को लेकर दैनिक प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाए
- एक ऐसा प्रभावी मॉनिटरिंग मैकेनिज्म विकसित किया जाए, जिससे लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई हो सके
यह कदम प्रशासनिक नियंत्रण के साथ-साथ विक्रेताओं की जिम्मेदारी भी तय करेगा।
तकनीक अपनाओ, खेती बचाओ
कार्यशाला में कृषि निदेशक घनश्याम सिंह ने कहा कि आज के दौर में तकनीक के बिना खेती का भविष्य सुरक्षित नहीं है।
उन्होंने किसानों और विक्रेताओं से आग्रह किया कि वे नई तकनीकों का प्रशिक्षण लें और उन्हें व्यवहार में उतारें, ताकि
- उत्पादन बढ़े
- लागत घटे
- किसानों की आय में वास्तविक इजाफा हो
NPS ऐप बनेगा किसानों का डिजिटल डॉक्टर
कृषि निदेशक ने NPS ऐप की जानकारी देते हुए बताया कि
- फसल में कीट लगने पर किसान उसकी फोटो ऐप पर अपलोड करें
- ऐप बताएगा कि कौन सा कीट है
- कौन सी दवा और कितनी मात्रा में प्रयोग करनी है
यह तकनीक न केवल अंधाधुंध कीटनाशक उपयोग को रोकेगी, बल्कि धरती माता बचाओ अभियान को भी मजबूती देगी।
धरती माता बचाओ अभियान को नई धार
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने रसायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के संतुलित प्रयोग पर जोर दिया।
अत्यधिक रसायनों से
- मिट्टी की उर्वरता घटती है
- पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर असर पड़ता है
इसलिए संतुलन और तकनीक ही टिकाऊ खेती की कुंजी है।
प्रशासन ने बदला खेल, अब जवाबदेही तय
बिजनौर प्रशासन का यह कदम केवल एक आदेश नहीं, बल्कि कृषि सुधार की रणनीतिक शुरुआत है।
- फार्मर रजिस्ट्री से किसान की पहचान और अधिकार मजबूत होंगे
- नकली खाद पर सख्ती से किसान का भरोसा लौटेगा
- तकनीक के उपयोग से खेती अधिक लाभकारी बनेगी
यदि यह मॉडल जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू हुआ, तो बिजनौर प्रदेश में कृषि सुधार का रोल मॉडल बन सकता है।
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