सेवानिवृत्त कर्मचारियों का आर-पार का ऐलान: आठवें वेतन आयोग से बाहर रखने पर उबाल, बड़े आंदोलन की चेतावनी
डिजिटल डेस्क | बिजनौर
बिजनौर में सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनर्स का सब्र अब जवाब देने लगा है। सरकार द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग के दायरे से बाहर रखे जाने के फैसले के खिलाफ मंगलवार को हुई मासिक बैठक में तीखा आक्रोश और संघर्ष का स्पष्ट संदेश देखने को मिला। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन जनपद शाखा बिजनौर की इस बैठक ने आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन के संकेत दे दिए हैं।
संगठन मजबूत, नेतृत्व का विस्तार
सिविल लाइन स्थित पुराना महिला चिकित्सालय परिसर में प्रातः आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष शिव ध्यानसिंह ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री योगेश्वर ने किया। बैठक में संगठन की कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए कई महत्वपूर्ण पदों पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
तहसील बिजनौर से वीरेंद्र पाल, धामपुर से लखपत सिंह और नजीबाबाद से धर्मपाल सिंह राजपूत को तहसील अध्यक्ष मनोनीत किया गया। सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को माल्यार्पण एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
आठवें वेतन आयोग पर सरकार के फैसले से नाराजगी
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष शिव ध्यानसिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग से बाहर रखना अन्यायपूर्ण और भेदभावपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार दबाव में नहीं आएगी, तब तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिलेगा।
सभा में मौजूद सभी सदस्यों ने एक स्वर में आंदोलन के पक्ष में समर्थन जताया और हर स्तर पर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
लंबित मांगों को लेकर सरकार पर दबाव
बैठक में केवल वेतन आयोग ही नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित अन्य मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया। इनमें
- वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराए में छूट बहाल करने की मांग
- 18 माह से अटकी महंगाई राहत का तत्काल भुगतान
- सरकारी अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा को पूरी तरह लागू करने की मांग शामिल रही
सदस्यों का कहना था कि सेवा काल में सरकार के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने वाले कर्मचारियों के साथ सेवानिवृत्ति के बाद उपेक्षा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
हाईकोर्ट केस पर भी चर्चा
बैठक में राशि कटौती से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई। संगठन ने जानकारी दी कि हाईकोर्ट में इस प्रकरण की अगली सुनवाई अब 16 फरवरी को निर्धारित की गई है। संगठन ने भरोसा जताया कि न्यायालय से कर्मचारियों के पक्ष में फैसला आएगा।
शोक प्रस्ताव के साथ बैठक का समापन
बैठक के अंत में अध्यक्ष शिव ध्यानसिंह के बड़े भाई और भाभी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद अध्यक्ष द्वारा धन्यवाद ज्ञापन कर बैठक का समापन किया गया।
बिजनौर में सेवानिवृत्त कर्मचारियों का यह उग्र तेवर साफ संकेत देता है कि यदि सरकार ने समय रहते निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन केवल जनपद तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
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