2 घंटे तड़पता रहा बारहसिंघा, वन विभाग नहीं पहुंचा—बिजनौर में सिस्टम फेल!
ब्रेकिंग | बिजनौर
आबादी में भटककर आया बारहसिंघा, कुत्तों के हमले से बचने को दीवारों में फंसा… और फिर मौत
बिजनौर जनपद के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरूकी में वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाली घटना सामने आई है। जंगल से भटककर आबादी में पहुंचे एक बारहसिंघा (हिरन) को पहले आवारा कुत्तों ने जानलेवा हमला कर घायल कर दिया, फिर जान बचाने के प्रयास में वह बरूकी सहकारी समिति की दीवारों के बीच फंस गया।
👉 करीब दो घंटे तक बारहसिंघा तड़पता रहा, लेकिन सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। समय पर रेस्क्यू न होने के कारण अंततः बारहसिंघा ने दम तोड़ दिया।
❓ सवालों के घेरे में वन विभाग
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की जानकारी तुरंत वन विभाग को दी गई थी, लेकिन रेस्क्यू टीम की लापरवाही के चलते एक बेशकीमती वन्यजीव की जान चली गई। ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर विभाग समय रहते मौके पर पहुंचता, तो बारहसिंघा को सुरक्षित बचाया जा सकता था।
सिस्टम की बड़ी चूक या संवेदनहीनता?
यह घटना सिर्फ एक जानवर की मौत नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण तंत्र की गंभीर विफलता को उजागर करती है।
- ✔️ जंगलों से सटे गांवों में बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष
- ✔️ रेस्क्यू सिस्टम की सुस्ती
- ✔️ जिम्मेदार विभाग की गैर-जवाबदेही
इन सवालों पर अब जवाब जरूरी हो गए हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी रोष है। लोगों ने मांग की है कि
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
- जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए
- भविष्य में ऐसे मामलों के लिए त्वरित रेस्क्यू सिस्टम सुनिश्चित किया जाए
बरूकी की यह घटना चेतावनी है—अगर वन विभाग ने समय रहते अपनी कार्यप्रणाली नहीं सुधारी, तो वन्यजीवों की ऐसी मौतें सवाल बनकर सामने आती रहेंगी।
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