योगी सरकार का भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार
STF रिपोर्ट के बाद लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के 3 ARTO प्रवर्तन निलंबित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक और बड़ा एक्शन सामने आया है। ट्रकों से अवैध वसूली के गंभीर आरोपों में लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के एआरटीओ प्रवर्तन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एसटीएफ की रिपोर्ट और एफआईआर दर्ज होने के 48 दिन बाद की गई है, जिसने परिवहन विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
STF जांच में उजागर हुआ अवैध वसूली का नेटवर्क
एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की गहन जांच में यह सामने आया कि आरटीओ दफ्तरों में तैनात अधिकारी और कर्मचारी आपसी साठगांठ से मौरंग, गिट्टी और अन्य खनन सामग्री लदे ट्रकों को पास कराने के नाम पर रिश्वत वसूल रहे थे।
जांच के दौरान कई पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर अब विभागीय स्तर पर सख्त कार्रवाई शुरू हुई है।
निलंबित अधिकारी कौन-कौन?
परिवहन विभाग के विशेष सचिव के.पी. सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार—
- लखनऊ: एआरटीओ प्रवर्तन – राजीव कुमार बंसल
- रायबरेली: एआरटीओ प्रवर्तन – अम्बुज
- फतेहपुर: एआरटीओ प्रवर्तन – पुष्पांजलि मित्रा
इन सभी के निलंबन की सिफारिश पहले ही परिवहन आयुक्त द्वारा की जा चुकी थी।
विभागीय जांच भी शुरू, झांसी के उप परिवहन आयुक्त होंगे जांच अधिकारी
सरकार ने निलंबन के साथ-साथ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
- जांच अधिकारी: उप परिवहन आयुक्त, झांसी – के.डी. सिंह
इससे पहले भी यात्री कर अधिकारी समेत कई कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जो यह दर्शाता है कि सरकार इस मामले में किसी को भी बख्शने के मूड में नहीं है।
कई जिलों में FIR, बढ़ सकता है दायरा
एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर लखनऊ, रायबरेली, फतेहपुर, उन्नाव समेत कई जिलों में आरटीओ के अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे व गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
क्या कहता है यह एक्शन?
यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि—
- योगी सरकार भ्रष्टाचार पर नो कंप्रोमाइज की नीति पर कायम है
- परिवहन विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में पारदर्शिता लाने की कोशिश तेज
- अवैध वसूली करने वालों के लिए कठोर संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम न सिर्फ परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि एसटीएफ की रिपोर्ट पर सरकार पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। आने वाले समय में इस कार्रवाई का असर प्रदेशभर में देखने को मिल सकता है।











