शीतलहर का कहर: बिजनौर में 26 दिसंबर को नर्सरी से 12वीं तक सभी स्कूल बंद, प्रशासन ने जारी किया अवकाश आदेश
बिजनौर | 25 दिसंबर 2025
उत्तर भारत में पड़ रही भीषण ठंड, घने कोहरे और शीतलहर के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए बिजनौर प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर 26 दिसंबर 2025 को जनपद बिजनौर के सभी विद्यालयों में एकदिवसीय अवकाश घोषित कर दिया गया है। यह आदेश प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी शासकीय, अशासकीय, परिषदीय और निजी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।
किन-किन विद्यालयों पर लागू होगा आदेश?
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह अवकाश—
- परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय
- मान्यता प्राप्त एवं सहायता प्राप्त विद्यालय
- सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूल
- उत्तर प्रदेश बोर्ड
- मदरसा बोर्ड
से जुड़े सभी विद्यालयों में लागू रहेगा। यानी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े किसी भी बोर्ड या संस्था को इससे बाहर नहीं रखा गया है।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
पिछले कुछ दिनों से बिजनौर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में—
- न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट
- सुबह के समय घना कोहरा
- बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
जैसी स्थितियां बनी हुई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चों पर शीतलहर का प्रभाव अधिक घातक हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने रोकथाम के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है।
जिला प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि—
“इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।”
इसके तहत समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कोई भी विद्यालय आदेश की अवहेलना न करे। साथ ही आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के लिए सभी स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों से भी सहयोग मांगा गया है।
अभिभावकों और छात्रों के लिए राहत
इस निर्णय से—
- छोटे बच्चों को ठंड से राहत
- अभिभावकों की चिंता में कमी
- स्कूल प्रबंधन पर स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम
जैसे सकारात्मक प्रभाव सामने आए हैं। सोशल मीडिया और अभिभावक समूहों में प्रशासन के इस फैसले की सराहना की जा रही है।
विश्लेषण: क्या आगे बढ़ सकता है अवकाश?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यदि शीतलहर और कोहरे की स्थिति बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में अवकाश बढ़ाए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय मौसम की गंभीरता और प्रशासनिक समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।
बिजनौर प्रशासन का यह निर्णय दर्शाता है कि बदलते मौसम में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। शिक्षा से अधिक जीवन और स्वास्थ्य की अहमियत को समझते हुए लिया गया यह कदम निश्चित रूप से संवेदनशील और दूरदर्शी प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है।











