गोरखपुर नगर निगम को राष्ट्रीय सम्मान: महापौर व नगर आयुक्त ने CM योगी से की मुलाकात
JSJB 1.0 अभियान में गोरखपुर ने हासिल किया देश में तीसरा और उत्तर प्रदेश में पहला स्थान — राष्ट्रपति द्वारा मिला प्रशस्ति पत्र व ₹2 करोड़ प्रोत्साहन राशि, CM ने सराहा मॉडल परफॉर्मेंस
गोरखपुर नगर निगम की ऐतिहासिक उपलब्धि पर CM योगी ने दी बधाई
महापौर डॉ. मंगलेश व नगर आयुक्त सोगरवाल ने की शिष्टाचार भेंट, जल संरक्षण मॉडल को मिली राष्ट्रीय पहचान

लखनऊ, 19 नवंबर 2025 — उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाते हुए गोरखपुर नगर निगम ने जल संचय जन भागीदारी अभियान (JSJB 1.0) में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान और प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर एक नया माइलस्टोन स्थापित किया है। यह उपलब्धि न सिर्फ गोरखपुर बल्कि पूरे प्रदेश के जल संरक्षण मॉडल के लिए एक प्रेरणादायक उपलब्धि मानी जा रही है।
इसी उपलब्धि के उपलक्ष्य में गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने आज माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग, लखनऊ पर शिष्टाचार भेंट की।
राष्ट्रीय सम्मान के साथ प्रदेश का भी अव्वल मॉडल
18 नवंबर 2025 को आयोजित राष्ट्रीय समारोह में महामहिम राष्ट्रपति महोदया द्वारा गोरखपुर नगर निगम को
✔️ प्रशस्ति पत्र
✔️ ₹2 करोड़ की प्रोत्साहन राशि
प्रदान की गई।
यह पुरस्कार गोरखपुर में सामुदायिक सहयोग, वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट्स, एवं जोनल स्तर पर जल प्रबंधन के अभिनव मॉडल जैसे प्रयासों के आधार पर दिया गया।
इस उपलब्धि को गोरखपुर के सामूहिक प्रयासों की ऐतिहासिक पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।
CM योगी ने दिया बेहतर जल प्रबंधन का मंत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात के दौरान गोरखपुर नगर निगम की सराहना करते हुए कहा कि—
➡️ ऐसी पहलें उत्तर प्रदेश को स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट स्टेट बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
➡️ गोरखपुर का मॉडल अन्य नगर निगमों के लिए रोल मॉडल बन चुका है।
➡️ आने वाले समय में इसे और बड़े पैमाने पर लागू करने की जरूरत है।
CM ने महापौर और नगर आयुक्त को टीम भावना एवं जन-सहयोग आधारित प्रयासों को और सशक्त करने के निर्देश भी दिए।
JSJB 1.0 क्या है और गोरखपुर क्यों बना ब्रांड?
जल संचय जन भागीदारी अभियान (JSJB 1.0) केंद्र और राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एक विशेष परियोजना है जिससे—
- वर्षा जल संरक्षण
- भूजल रिचार्ज
- तालाबों और जलाशयों का पुनर्जीवन
- नागरिकों की सक्रिय भागीदारी
- स्कूल-स्तरीय जल जागरुकता
पर काम किया जाता है।
गोरखपुर नगर निगम ने इस अभियान को जमीनी स्तर पर बेहतरीन तरीके से लागू किया, जिसके परिणामस्वरूप—
✔️ 50+ वॉटर रिचार्ज स्ट्रक्चर तैयार
✔️ 200+ रेनवॉटर हार्वेस्टिंग यूनिट्स सक्रिय
✔️ 70% से अधिक नागरिक सहभागिता
✔️ 20 से अधिक जलाशयों का पुनर्जीवन
✔️ भूजल स्तर में दर्ज हुआ सकारात्मक सुधार
ये तत्व गोरखपुर को देशभर में शीर्ष तीन नगर निगमों में शामिल कराने में निर्णायक साबित हुए।
नागरिकों के सहयोग को मिला राष्ट्रीय सम्मान
महापौर डॉ. मंगलेश ने कहा कि यह पुरस्कार गोरखपुर की “जन भागीदारी आधारित विकास सोच” की जीत है।
नगर आयुक्त श्री सोगरवाल के नेतृत्व में JSJB 1.0 का संचालन न केवल तकनीकी रूप से उन्नत रहा, बल्कि नागरिक सहभागिता से इसे परिवर्तनकारी रूप मिला।
गोरखपुर—अब ‘जल संरक्षण मॉडल सिटी’ की ओर
राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा और प्रदेश में पहला स्थान मिलने से गोरखपुर अब—
⭐ जल प्रबंधन में अग्रणी शहर
⭐ सतत विकास के लिए मानक मॉडल
⭐ नागरिक भागीदारी वाले परिवर्तन के उदाहरण
के रूप में नई पहचान बना रहा है।
जल संरक्षण से जुड़ी यह उपलब्धि आने वाली परियोजनाओं के लिए नए अवसर और फंडिंग भी खोलती है।
निष्कर्ष
गोरखपुर नगर निगम ने यह साबित कर दिया है कि—
“सही योजना + तकनीक + जनता की भागीदारी = राष्ट्रीय पहचान”
CM योगी से मुलाकात के साथ यह उपलब्धि न सिर्फ सम्मान है, बल्कि भविष्य की जल सुरक्षा के लिए एक मजबूत संकल्प भी है।












