“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बड़ी समीक्षा बैठक: त्योहारों की तैयारी, कानून-व्यवस्था, धान खरीद और जनभागीदारी पर सख्त निर्देश”
“स्वच्छता, सुरक्षा और सतर्कता” बनी यूपी सरकार की त्रि-आयामी प्राथमिकता;
हर श्रद्धालु का सम्मान और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
📍 लखनऊ | ब्यूरो रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सीएम हेल्पलाइन, IGRS, धान खरीद, स्वास्थ्य सेवाएं तथा आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों की गहन समीक्षा की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्पन्न इस बैठक में सभी मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और शासन स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
पर्व-त्योहारों पर “तीन एस” का मंत्र — स्वच्छता, सुरक्षा और सतर्कता
मुख्यमंत्री ने आगामी कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली, गुरु नानक जयंती, ददरी मेला (बलिया) और गढ़मुक्तेश्वर मेला (हापुड़) जैसे आयोजनों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि—
“पर्व-त्योहार केवल उत्सव नहीं, सेवा और संवेदना का अवसर हैं। प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी घाट, मेला या भीड़भाड़ वाले स्थल पर अराजक तत्वों की उपस्थिति न हो।
प्रशासन को ऐसा वातावरण बनाना होगा जो शांतिपूर्ण, सुरक्षित और श्रद्धाभाव से परिपूर्ण हो।
मुख्य निर्देश — मुख्यमंत्री के सख्त आदेश
- भीड़ प्रबंधन व स्वच्छता व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाए।
- घाटों पर पर्याप्त प्रकाश, फ्लोटिंग बैरियर, सीसीटीवी कैमरे, स्वास्थ्य उपकेंद्र और मोबाइल टॉयलेट अनिवार्य हों।
- खोया-पाया केंद्र व चेंजिंग रूम पहले से तैयार रहें।
- नदियों में तेज प्रवाह को देखते हुए SDRF और NDRF की सक्रिय तैनाती की जाए।
- बिना लाइफ जैकेट के किसी नाविक या पर्यटक को बोटिंग की अनुमति न मिले।
- संवेदनशील स्थलों पर रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों की तैनाती प्रतिबंधित की जाए, ताकि अनुशासन बना रहे।
किसानों को राहत और पारदर्शी धान खरीद की सख्त हिदायत
मुख्यमंत्री ने कहा —
“धान खरीद की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रहे, किसानों को किसी भी स्तर पर असुविधा न हो। बिचौलियों की भूमिका कदापि स्वीकार्य नहीं।”
- हाल की वर्षा से प्रभावित फसलों का तत्काल सर्वेक्षण कर मुआवजा बिना विलंब भुगतान किया जाए।
- खाद और उन्नत बीजों की पर्याप्त उपलब्धता हर जिले में सुनिश्चित हो।
- किसानों को क्षतिपूर्ति के लिए भटकना न पड़े।
गोसेवा, खनन और मानदेय पर भी सख्ती
- जिलाधिकारी गो-आश्रय स्थलों का निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि हर गोवंश को चारा-पानी और चिकित्सा सुविधा मिले।
- अवैध खनन पर नकेल कसने के निर्देश — विशेष टीम गठित कर औचक निरीक्षण होंगे।
- आशा, आंगनबाड़ी, रसोइया और मानदेय कर्मियों को समय पर भुगतान अनिवार्य किया गया।
“विकसित उत्तर प्रदेश @2047” — जनभागीदारी का नया आयाम
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेशभर से अब तक 72 लाख से अधिक सुझाव इस अभियान के तहत प्राप्त हुए हैं।
जौनपुर, बिजनौर, गाजीपुर, हरदोई, प्रतापगढ़, गोरखपुर, बरेली, सोनभद्र और गोण्डा जैसे जिलों से जनता ने विकास से जुड़े उपयोगी विचार साझा किए हैं।
“यह अभियान जनता का अभियान बने। उत्तर प्रदेश का विकास तभी सर्वांगीण होगा, जब हर नागरिक उसकी योजना में सहभागी बने।” — योगी आदित्यनाथ
विश्लेषण:
इस बैठक ने साफ कर दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता सूची में जन-सुविधा, पारदर्शिता और अनुशासन शीर्ष पर हैं।
त्योहारों की सुरक्षा से लेकर किसानों के मुआवजे और गोसेवा तक, हर बिंदु पर उन्होंने जिम्मेदारी तय की है।
यह स्पष्ट संकेत है कि यूपी सरकार अब प्रशासनिक सख्ती के साथ जनसंवेदना की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
निष्कर्ष:
योगी सरकार का यह “समीक्षा अभियान” केवल प्रशासनिक मूल्यांकन नहीं, बल्कि जनविश्वास को सशक्त करने की कवायद है —
जहां “सुशासन” और “संवेदना” दोनों साथ चलते हैं।
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