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“गंगा तट से उठेगी ‘क्लीन, ग्रीन और डिवाइन काशी’ की ज्योति — मुख्यमंत्री योगी

“काशी की देव दीपावली बनेगी विश्व संदेश — गंगा आराधना, सनातन परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम रचने जा रही है योगी सरकार”

“गंगा तट से उठेगी ‘क्लीन, ग्रीन और डिवाइन काशी’ की ज्योति — मुख्यमंत्री योगी ने दिए उच्च गुणवत्ता, अनुशासन और भव्यता के निर्देश”

 काशी — जहाँ आस्था और आलोक एकाकार होते हैं

देव दीपावली… नाम सुनते ही आँखों के सामने जगमगाती गंगा, दीपों की लाखों ज्योतियाँ और मंत्रोच्चार से गूँजती काशी की आत्मा तैरने लगती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अद्भुत परंपरा को और भव्य, अनुशासित और विश्वस्तरीय बनाने का बीड़ा उठाया है।
उन्होंने कहा —

“काशी की देव दीपावली केवल दीपदान का पर्व नहीं, यह भारत की आत्मा, धर्म और कर्तव्य का दीपोत्सव है। इसे ऐसा बनाया जाए कि पूरी दुनिया काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करे।”

वाराणसी में इस वर्ष का आयोजन पहले से कहीं अधिक शानदार, आकर्षक और तकनीकी रूप से उन्नत होगा।
01 से 04 नवंबर तक गंगा महोत्सव, और 05 नवंबर को देव दीपावली का मुख्य आयोजन होगा — जिसमें गंगा तटों पर करोड़ों दीप जगमगाएँगे।

मुख्यमंत्री योगी की समीक्षा बैठक — “श्रद्धा और अनुशासन का संगम हो देव दीपावली”

लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए —
“देव दीपावली की तैयारी केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि भावनात्मक जिम्मेदारी है।”

उन्होंने कहा कि गंगा तट पर दीपदान का दृश्य श्रद्धा और अनुशासन की मिसाल बने।
भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और प्रकाश सज्जा — हर स्तर पर सूक्ष्म तैयारी की जाए।

🪔 गंगा घाटों की जगमग दुनिया — “हर दीप में देवत्व का संदेश”

देव दीपावली के दिन जब सूर्य अस्त होगा, गंगा के तट पर उजाले की नदी बहेगी।
काशी के नमो घाट, दशाश्वमेध घाट, राजघाट, चेत सिंह घाट और काशी विश्वनाथ धाम जगमगाते दीपों से आलोकित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा —

“हर दीप एक आस्था की लौ है, हर घाट एक धर्म का प्रतीक। ऐसा दृश्य बने कि श्रद्धालु स्वयं को ईश्वर के लोक में महसूस करें।”

 तकनीक और परंपरा का संगम — देव दीपावली में आधुनिक चमक

सरकार ने देव दीपावली को तकनीक से जोड़कर इसे ‘स्मार्ट फेस्टिवल ऑफ लाइट्स’ बनाने की तैयारी की है।

मुख्य आकर्षण होंगे:

  • चेत सिंह घाट पर 25 मिनट का शानदार प्रोजेक्शन मैपिंग शो
  • दिन में तीन बार लेज़र शो, जिसमें काशी की गाथा रोशनी में झलकेगी
  • सैंड आर्ट इंस्टॉलेशन — काशी विश्वनाथ घाट से चेत सिंह घाट तक रेत पर गढ़ी जाएगी “गंगा आराधना की कथा”
  • ग्रीन आतिशबाज़ी और संगीतबद्ध फायर शो, जो पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगा
  • स्मार्ट लाइटिंग, थीम-आधारित डेकोरेशन, ड्रोन मॉनिटरिंग और सीसीटीवी निगरानी

 नाविक समुदाय — गंगा आराधना के असली प्रहरी

मुख्यमंत्री योगी ने नाविक समाज को देव दीपावली की आत्मा बताया।

“नाविक केवल नाव नहीं चलाते, वे श्रद्धा का भाव भी बहाते हैं। उनकी सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है।”

सभी नाविकों को लाइफ जैकेट, पंजीकरण टैग और निर्धारित रूट मैप दिए जाएंगे।
नौका संचालन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए जल पुलिस और कंट्रोल रूम सतत निगरानी में रहेंगे।

श्रद्धालुओं की सुविधा — ‘अतिथि देवो भवः’ का सजीव दर्शन

योगी सरकार ने इस आयोजन को ‘श्रद्धालु केंद्रित उत्सव’ बनाने की दिशा में विशेष कदम उठाए हैं।

प्रमुख सुविधाएँ:

  • प्रत्येक घाट पर 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क
  • पर्याप्त शौचालय, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और एम्बुलेंस सेवाएँ
  • पार्किंग, शटल बस, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक नियंत्रण की पुख्ता व्यवस्था
  • घाटों और गलियों में स्वच्छता कर्मियों की चौबीसों घंटे तैनाती
  • बिजली की निर्बाध आपूर्ति और सीसीटीवी से रियल-टाइम मॉनिटरिंग

 संस्कृति का उत्सव — स्थानीय कलाकारों का मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल सरकारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी का उत्सव है।
उन्होंने निर्देश दिया कि इसमें विद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला समूहों और स्थानीय कलाकारों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

गंगा तटों पर देशी-विदेशी पर्यटक लोक संगीत, शास्त्रीय नृत्य और काव्य सन्ध्या का आनंद लेंगे।
देव दीपावली की रात काशी “जीवंत संस्कृति और जीवित परंपरा” का प्रदर्शन करेगी।

 ‘क्लीन, ग्रीन, डिवाइन काशी’ — योगी सरकार का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा —

“देव दीपावली काशी की आत्मा का उत्सव है। इस वर्ष इसे ‘क्लीन काशी, ग्रीन काशी, डिवाइन काशी’ के दर्शन के रूप में साकार किया जाएगा।”

घाटों से गलियों तक स्वच्छता, सुगमता और सुंदरता सुनिश्चित होगी।
हर दीप, हर कदम — पर्यावरण, अनुशासन और भक्ति की भावना का प्रतीक बनेगा।

 निष्कर्ष — “काशी की ज्योति, विश्व का आलोक”

इस बार की देव दीपावली केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और आत्मबल का वैश्विक उत्सव बनने जा रही है।
गंगा आरती की गूँज, दीपों की झिलमिलाहट और गंगा की तरंगों पर तैरती रोशनी, हर आगंतुक के मन में यह भाव जगाएगी —

“काशी केवल एक शहर नहीं, यह आत्मा की नगरी है —
जहाँ हर दीप में देवत्व है, और हर लहर में भक्ति।”

 विशेष आकर्षण का सारांश:

  • 01–04 नवम्बर: गंगा महोत्सव
  • 05 नवम्बर: देव दीपावली का भव्य आयोजन
  • 3 लेज़र शो प्रतिदिन
  • ग्रीन आतिशबाज़ी व सैंड आर्ट प्रदर्शनी
  • घाटों पर स्मार्ट लाइटिंग व सजावट
  • नाविक समुदाय को विशेष सम्मान
  • स्वच्छता, सुरक्षा और श्रद्धा — आयोजन की तीन प्रमुख धुरी

 

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