पुलिस की सतर्कता से झूठी लूट का पर्दाफाश — आर्थिक तंगी में वादी ने खुद रची ‘लूट की कहानी’
प्रतापगढ़ पुलिस ने खोला सच का पिटारा, दो सगे भाइयों की गिरफ्तारी — बैग समेत बरामदगी, साजिश का खुलासा
मुख्य बिंदु :
झूठी लूट की सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
पुलिस की विवेकपूर्ण जांच में निकला ‘ड्रामा’ का सच
आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से परेशान वादी ने खुद गढ़ी थी कहानी
दो सगे भाइयों की गिरफ्तारी, बैग सहित बरामद सामान जब्त
एसपी दीपक भूकर के निर्देशन में जेठवारा पुलिस और SWAT टीम की संयुक्त कार्रवाई
घटना का पृष्ठभूमि :
थाना जेठवारा क्षेत्र, जनपद प्रतापगढ़ के कटरा गुलाब सिंहपुर वैष्णव निवासी रविंद्र कुमार सोनी ने 6 अक्टूबर 2025 को सूचना दी थी कि जब वह एजिका गांव से कुर्रई की ओर जा रहे थे, तभी तीन बाइक सवार युवकों ने उनकी डिग्गी से बैग निकाल लिया।
बैग में पायल, बिछिया, अंगूठी, नाक की पुल्ली और सोने का लॉकेट था।
वादी ने दावा किया कि न तो पैसे लिए गए और न ही मोबाइल छुआ गया — जिससे पुलिस को प्रारंभिक रूप से घटना संदिग्ध लगी।
पुलिस की सतर्कता से खुली पोल :
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में जेठवारा थाना पुलिस, SWAT और सर्विलांस टीम ने मामले की गहराई से जांच शुरू की।
साक्ष्य, बयानों और डिजिटल लोकेशन की जांच के बाद पुलिस को कहानी में कई विरोधाभास मिले।
पूछताछ के दौरान वादी रविंद्र कुमार सोनी और उसके भाई अशोक कुमार सोनी ने स्वीकार किया कि यह लूट झूठी थी, जिसे कर्ज से बचने और बाज़ार में उधारी के दबाव से निकलने के लिए रचा गया था।
वादी का कबूलनामा :
> “मुझ पर बाजार के लोगों का पैसा बकाया था। उनसे बचने के लिए मैंने झूठी लूट की कहानी बनाई, ताकि मामला पुलिस तक जाए और उधारी का दबाव कम हो जाए।”
— वादी रविंद्र कुमार सोनी की स्वीकारोक्ति
बरामद सामान :
01 बैग मय आभूषण
चांदी और सोने के जेवर, जैसा कि वादी ने पहले “लूटे जाने” का दावा किया था
गिरफ्तारी एवं पुलिस टीम का विवरण :
गिरफ्तार अभियुक्त :
1. रविंद्र कुमार सोनी पुत्र राधेश्याम सोनी
2. अशोक कुमार सोनी पुत्र राधेश्याम सोनी
(दोनों निवासी कटरा गुलाब सिंहपुर वैष्णव, थाना जेठवारा, जनपद प्रतापगढ़)
मुख्य पुलिस टीम :
थाना प्रभारी जेठवारा – उ0नि0 सुभाष यादव
व0उ0नि0 बलराम सिंह, उ0नि0 राजीव वर्मा, का0 अनुराग शुक्ला, का0 अर्पित त्रिपाठी, का0 मनीष, का0 पुष्पेंद्र, म0का0 छाया सिंह
SWAT टीम प्रभारी : उ0नि0 अमित कुमार चौरसिया
सदस्य – Hc धनंजय राय, C अरविंद दुबे, C श्रीराम सिंह, C जागीर सिंह, C आशुतोष पांडे, Hc मोहित राज यादव, चालक राजेंद्र कुमार
विश्लेषणात्मक दृष्टि :
यह मामला यह दर्शाता है कि किस प्रकार आर्थिक दबाव और सामाजिक भय व्यक्ति को झूठी घटनाएं गढ़ने तक ले जा सकता है।
साथ ही यह भी साबित करता है कि प्रतापगढ़ पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई के चलते अपराध का सच जल्दी सामने आ गया।
यदि पुलिस ने तथ्यों की पड़ताल गहराई से न की होती, तो यह “झूठी लूट” एक असली अपराध की तरह समाज में भ्रम फैला सकती थी।
पुलिस संदेश :
> “कानून व्यवस्था से खिलवाड़ और झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के समय और संसाधनों का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
— पुलिस अधीक्षक, प्रतापगढ़ श्री दीपक भूकर
निष्कर्ष :
“झूठ बोलकर न्याय व्यवस्था को भ्रमित करने वालों को कानून ने आईना दिखाया।”
पुलिस की सतर्कता, साक्ष्य-आधारित जांच और टीमवर्क ने यह साबित किया कि सच्चाई कितनी भी छिपे — कानून की नजर से नहीं बच सकती।
📍 रिपोर्ट : अद्वैत दशरथ तिवारी
प्रतापगढ़ पुलिस मीडिया सेल / डिजिटल ब्यूरो










