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शिक्षक संघ ने टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन कर  सांसद को मांग पत्र सौंपा 

शिक्षक संघ ने टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन कर  सांसद को मांग पत्र सौंपा 

“20-25 साल सेवा के बाद परीक्षा? शिक्षकों ने जताई नाराजगी”

टीईटी परीक्षा ने बढ़ाई शिक्षक समाज की चिंता
बिजनौर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ और जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने सोमवार को टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के खिलाफ जोरदार विरोध जताया। शिक्षकों ने रालोद सांसद चंदन चौहान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री चौधरी जयंत सिंह के नाम मांग पत्र सौंपकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की।


सांसद ने दिया भरोसा: शीतकालीन सत्र में उठाएंगे मुद्दा
सांसद चंदन चौहान ने शिक्षक वर्ग को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा और आगामी शीतकालीन सत्र में संसद में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में शिक्षकों का अहित नहीं होने दिया जाएगा।


शिक्षकों का कहना: 20-25 साल सेवा के बाद परीक्षा लेना गलत
जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिला महामंत्री राहुल कुमार राठी ने कहा कि 2010 के बाद नियुक्त सभी शिक्षक पहले ही टीईटी उत्तीर्ण कर चुके हैं। अब इस आदेश के कारण शिक्षक वर्ग मानसिक रूप से परेशान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबे सेवाकाल वाले शिक्षकों से परीक्षा लेना न्यायोचित नहीं है।


शिक्षक संघों की बड़ी मौजूदगी, आंदोलन की चेतावनी
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार चौहान और जिला मंत्री प्रशांत सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद चौधरी, नवनीत चौहान, सुहेल अख्तर बेग, मोहम्मद साजिद, संजय कुमार, नितिन चौहान, देवेंद्र शर्मा, अमित सिसोदिया, तरनजीत कौर, मलिक तूलिका चौधरी, मीनू सिंह, लता रानी, मुनिश चौहान, इंदु चौधरी, पूनम चौधरी, अर्चना रानी, सरिता सिंह, मोनिका सिंह, वेणु लता शर्मा, सरदार हरवंत सिंह, गुलशन सिंह, अरुण कुमार, गौरव चौहान, अंकित कुमार, धर्म सिंह, रुपेश चौधरी, दीपक राजपूत सहित अन्य शिक्षक भी उपस्थित रहे।

संघों ने चेताया कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशभर के शिक्षक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

 

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