उत्तर प्रदेश में बिजली निजीकरण विवाद
संघर्ष समिति बोली, “समर्थ उत्तर प्रदेश 2047” के विजन में बाधक है विद्युत निजीकरण
लखनऊ, 04 सितंबर 2025।
उत्तर प्रदेश में बिजली निजीकरण को लेकर संघर्ष तेज हो गया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लॉन्च किए गए “समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश – 2047” विजन पोर्टल का स्वागत करते हुए स्पष्ट कहा है कि विकसित उत्तर प्रदेश के सपने को साकार करने के लिए बिजली को सार्वजनिक क्षेत्र में बनाए रखना बेहद जरूरी है।
समिति ने ऐलान किया है कि विजन पोर्टल पर जल्द ही अपना विस्तृत प्रस्ताव दर्ज कराएगी। साथ ही, निजीकरण के खिलाफ 281वें दिन भी पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया गया।
मुख्य मुद्दा
संघर्ष समिति का तर्क है कि निजीकरण से
- किसानों और गरीब उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिलनी बंद हो जाएगी
- बिजली दरें आसमान छुएंगी
- महंगी खरीद दरों का बोझ जनता पर पड़ेगा
- साइबर सिक्योरिटी पर बड़ा खतरा मंडराएगा
संघर्ष समिति के 5 बड़े तर्क
1️⃣ आम जनता पर असर
- बिजली हर वर्ग के लिए अनिवार्य सेवा है।
- सार्वजनिक कंपनियां घाटा उठाकर भी किसानों व गरीबों को सस्ती बिजली देती हैं।
- निजी कंपनियां घाटा उठाने को तैयार नहीं होंगी, नतीजतन कृषि और गरीब वर्ग पर सीधा असर।
2️⃣ उत्पादन लागत में फर्क
- सरकारी बिजलीघर: ₹4.17 प्रति यूनिट
- निजी बिजली: ₹7 से ₹19 प्रति यूनिट
👉 निजीकरण के बाद बिजली और महंगी होगी।
3️⃣ महंगे करार बनाम सस्ती सौर ऊर्जा
- निजी घरों से लंबे समय के महंगे बिजली करार।
- सौर ऊर्जा और अन्य साधनों से सस्ती बिजली उपलब्ध।
- विजन 2047 के लिए महंगे करार रद्द कर नवीकरणीय स्रोतों को प्राथमिकता देना जरूरी।
4️⃣ सेवा बनाम व्यवसाय
- सार्वजनिक क्षेत्र = सेवा, निजी क्षेत्र = मुनाफा
- मुंबई में निजी कंपनियां घरेलू बिजली ₹16.71 प्रति यूनिट तक बेच रही हैं।
- यूपी में दरें अभी ₹6.50 प्रति यूनिट हैं। निजीकरण होते ही यूपी में भी दाम दोगुने-तीन गुने हो सकते हैं।
5️⃣ राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल
- जम्मू-कश्मीर में साइबर हमलों में बिजली नेटवर्क का इस्तेमाल।
- बिजली का नेटवर्क राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है।
- इसलिए इसे सार्वजनिक क्षेत्र में बनाए रखना अनिवार्य।
आंदोलन और प्रस्ताव
- समिति ने कहा, “जब तक निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।”
- विजन पोर्टल पर समिति किसानों, मजदूरों और उपभोक्ताओं से जुड़े विस्तृत सुझाव देगी।
बड़ी तस्वीर
✅ बिजली केवल सुविधा नहीं बल्कि विकास और सुरक्षा की रीढ़ है।
✅ यदि विजन 2047 में यूपी को “समर्थ और विकसित” बनाना है तो सस्ती और भरोसेमंद बिजली की गारंटी जरूरी है।
❌ निजीकरण इस सपने को कमजोर कर सकता है।












