Target Tv Live

श्री राधाकृष्ण मंदिर बहेड़ी ब्रह्मनान में छाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का रंग

श्री राधाकृष्ण मंदिर बहेड़ी ब्रह्मनान में छाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का रंग

मुरादाबाद। भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी की रात्रि… घड़ी जैसे-जैसे बारह की ओर बढ़ रही है, श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था उतनी ही बढ़ती जा रही है। जनपद का ऐतिहासिक और सैकड़ों वर्ष प्राचीन श्री राधाकृष्ण मंदिर, बहेड़ी ब्रह्मनान आज भक्ति और उल्लास से झिलमिला उठा है।

मुरलीधर कान्हा का दिव्य विग्रह

मंदिर के गर्भगृह में विराजमान सैकड़ों वर्ष पुराना मुरलीधर कान्हा का विग्रह आज विशेष श्रृंगार में भक्तों को दर्शन दे रहा है। दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक कर भगवान को नवीन वस्त्र, पीताम्बर और आभूषण पहनाए गए।

सजावट में बसी आस्था

मंदिर परिसर को मानो द्वारका धाम का रूप दिया गया हो —

  • रंग-बिरंगी इलेक्ट्रिक झालरों और बल्बों की जगमगाहट
  • चारों ओर सजी पुष्पमालाएं और झंडियां
  • हवा में घुली अगरबत्ती और प्रसाद की सुगंध
  • भक्ति गीतों की स्वर लहरियां, जो वातावरण को और भी पावन बना रही हैं।

 नन्हें कान्हा और राधारानी बने बच्चे

माताओं ने अपने बच्चों को नन्हें कान्हा और राधारानी का रूप देकर सजा दिया

  • पीताम्बर परिधान
  • मोर मुकुट
  • बैजन्ती माला और कुण्डल
    इन रूपों को देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो उठा।

मनमोहक झांकियां और भजन-कीर्तन

दिनभर मंदिर प्रांगण में गूंजते रहे —

  • “हरे कृष्ण, हरे राम” के भजन
  • कलाकारों और बच्चों द्वारा प्रस्तुत झांकियां, जिनमें माखनचोर कान्हा, गोपियों संग रास, हलधर बलराम और देवकी-वासुदेव के प्रसंग जीवंत हो उठे।
    श्रद्धालु झूमते रहे, तालियों और हरि-धुनों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

🌙 आधी रात का विशेष क्षण

समाचार लिखे जाने तक भजन-कीर्तन जारी थे और सभी भक्त आधी रात बारह बजे कान्हा के जन्म की प्रतीक्षा कर रहे थे।

  • जन्म के साथ ही भगवान को प्रिय माखन-मिश्री का भोग लगाया जाएगा।
  • इसके बाद श्रद्धालु कान्हा को पालना झुलाएंगे और उपवास का पारायण करेंगे।

 श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का यह दृश्य केवल पूजा-अर्चना का आयोजन नहीं, बल्कि एक लोक उत्सव बन चुका है, जहाँ धर्म, संस्कृति और लोक परंपरा एक साथ झिलमिला रही हैं।

 

Leave a Comment

यह भी पढ़ें