डिजिटल स्टोरी
“बिजनौर के खिलाड़ियों ने दिखाया दम: स्वतंत्रता दिवस पर खेल और देशभक्ति का अनूठा संगम”

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👉 “स्वतंत्रता दिवस पर खेलों का जलवा: बिजनौर के खिलाड़ियों ने लहराया परचम”
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👉 “बिजनौर की बेटियों का एशियन रोलर स्केटिंग चैम्पियनशिप में दमदार प्रदर्शन”
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👉 “मंत्री अनिल कुमार बोले – खेल से बढ़ती है अनुशासन और देशभक्ति की भावना”
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👉 “क्रॉस-कंट्री से लेकर कबड्डी तक, बिजनौर में खेलों का महासंगम”

मुख्य बिंदु (Highlights):
- भव्य आयोजन: नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम, बिजनौर में स्वतंत्रता दिवस 2025 का शानदार आयोजन।
- मुख्य अतिथि: यूपी सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अनिल कुमार ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
- खेलों का उद्घाटन: मंत्री जी ने क्रॉस-कंट्री दौड़ को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया और कबड्डी प्रतियोगिता का उद्घाटन किया।
- मंत्री का बयान:
👉 “खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं।”
👉 “बिजनौर के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।” - खिलाड़ियों का सम्मान:
वैष्णवी शर्मा, श्रेया और आकृति सोरियान को एशियन रोलर स्केटिंग चैम्पियनशिप 2025 में उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया।
₹75,000/- की डाइट मनी प्रदान की गई। - विजेता खिलाड़ी:
- पुरुष वर्ग क्रॉस-कंट्री: बहादुर, मयंक, अर्पित, रितिक कुमार, महीपाल, शशि कुमार।
- महिला वर्ग क्रॉस-कंट्री: फाईसा, तनु, साक्षी, परिचन्द्र, विधि चौहान, मोनी।
- विशेष दौड़ें: रोटरी क्लब द्वारा 100, 400, 1500 मीटर (पुरुष), 100, 400 मीटर (महिला) और 100 मीटर (सीनियर सिटीजन) प्रतियोगिताएं भी आयोजित।
- विशेष उपस्थिति:
डीएम जसजीत कौर, सीडीओ पूर्ण बोरा, जॉइंट मजिस्ट्रेट, खेल अधिकारी, व्यायाम शिक्षक, रोटरी क्लब पदाधिकारी, खेल प्रेमी व पत्रकार मौजूद रहे।
समाचार का विश्लेषण
बिजनौर का स्वतंत्रता दिवस समारोह केवल देशभक्ति का उत्सव नहीं रहा, बल्कि खेल और प्रतिभा का भी महापर्व साबित हुआ। मंत्री अनिल कुमार का संदेश यह स्पष्ट करता है कि प्रदेश सरकार खेलों को न सिर्फ बढ़ावा दे रही है बल्कि खिलाड़ियों को आर्थिक और संस्थागत मदद देकर उन्हें ऊँचाई तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने इस आयोजन को और खास बना दिया। खासकर एशियन रोलर स्केटिंग चैम्पियनशिप में जिले की बेटियों का चमकना बिजनौर की खेल संस्कृति को नई पहचान दे रहा है।
कार्यक्रम ने यह भी दिखाया कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व अब केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सामुदायिक भागीदारी, खेल भावना और राष्ट्रीय गर्व के सम्मिलित प्रतीक बनते जा रहे हैं










