कब्रिस्तान की ज़मीन पर अवैध आरा मशीनें, प्रतिबंधित लकड़ी बरामद, प्रशासन ने बंद कराया संचालन
बिना कागज़, बिना अनुमति चल रहीं थीं आरा मशीनें, भाजयुमो नेता की शिकायत पर प्रशासन ने की छापेमारी
क्या था मामला?
बिजनौर के जानी चौराहा पर लंबे समय से चल रहीं आरा मशीनों पर आखिरकार प्रशासन की गाज गिर ही गई।
डीएम के निर्देश पर वन विभाग और राजस्व टीम ने जब मौके पर दस्तक दी, तो ना स्टॉक रजिस्टर मिला, ना लकड़ी के अभिलेख।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ—ये मशीनें कब्रिस्तान की ज़मीन पर बनाई गई अवैध दुकानों में चलाई जा रही थीं।
छापेमारी के अहम बिंदु:
- स्टॉक रजिस्टर गायब: मशीनों पर लकड़ी के रिकॉर्ड का नामोनिशान नहीं मिला।
- तुरंत संचालन पर रोक: आरा मशीनों को सील कर दिया गया।
- स्वामित्व के सबूत मांगे गए: मालिकों से कहा गया—कागज़ हैं तो तहसील में पेश करो।
- प्रतिबंधित लकड़ी भी मिली: वन विभाग ने भी जताई गंभीरता।
- कब्रिस्तान की ज़मीन पर कब्जा: दुकानों और मशीनों के निर्माण को बताया गया पूरी तरह अवैध।
- अवैध कॉलोनियों पर भी नजर: एसडीएम बोले—अब हर ज़मीन का लेखा-जोखा होगा साफ।
किसके खिलाफ हुई कार्रवाई?
- इसरार अहमद,
- मंसकूर अहमद,
- जावेद अहमद,
- इमराम अहमद — इनकी मशीनें मिलीं संदिग्ध संचालन में।
शिकायत पर प्रशासन की कारवाई
समाधान दिवस में शिकायत कर प्रशासन को अवैध गतिविधियों की जानकारी दी थी।
शिकायत के बाद ही प्रशासन ने बुधवार को कई जगह छापे मारे।
कौन-कौन था टीम में?
- तहसीलदार: आशीष सक्सेना
- रेंजर: महेश गौतम
- नायब तहसीलदार: सार्थक चावला
- नेतृत्व: एसडीएम सदर नितिन कुमार
एसडीएम बोले…
“कब्रिस्तान की ज़मीन पर कब्ज़ा कर मशीनें चलाना कानूनन जुर्म है। अवैध कॉलोनियों और कारोबार पर अब ज़ीरो टॉलरेंस नीति चलेगी।”
बिना अनुमति, बिना कागज़ और कब्रिस्तान की ज़मीन पर चल रही लकड़ी की चक्कियां अब बंद होंगी।
प्रशासन का यह एक्शन नज़ीर बनेगा—अब अवैध पर कार्रवाई तय है, चाहे कोई भी हो।
संदेश साफ है: कागज़ दिखाओ या मशीन बंद करवाओ!












