बिजनौर: टीबी उन्मूलन और संचारी रोग नियंत्रण को लेकर प्रशासन सक्रिय

बिजनौर। जिला प्रशासन टीबी (क्षय रोग) उन्मूलन और संचारी रोग नियंत्रण के प्रति लगातार सक्रियता दिखा रहा है। इसी क्रम में आज जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान वर्ष 2024 में टीबी मुक्त घोषित की गई ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को महात्मा गांधी की प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
टीबी उन्मूलन के प्रयासों को मिली सराहना
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने ग्राम प्रधानों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें अपने प्रयासों को और अधिक तेज करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल उनके समर्पण का प्रतीक है बल्कि अन्य पंचायतों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा। प्रशासन की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया कि बिजनौर जिले को पूरी तरह से टीबी मुक्त बनाने के लिए अभी और मेहनत करने की जरूरत है।
संचारी रोग नियंत्रण पर विशेष ध्यान
बैठक में जिलाधिकारी ने 1 अप्रैल 2025 से 30 अप्रैल 2025 तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। इस अभियान के तहत मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस और अन्य संक्रामक रोगों के रोकथाम के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अभियान को गंभीरता और निष्ठा से लागू किया जाए, ताकि अधिकतम लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके। बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से तथा ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता
कार्यक्रम का संचालन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) बिजनौर द्वारा किया गया। बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने भाग लिया।
क्या है प्रशासन की रणनीति?
- टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित कर अन्य गांवों को प्रेरित करना।
- संचारी रोग नियंत्रण अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों की भागीदारी सुनिश्चित करना।
- जागरूकता बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर प्रचार-प्रसार तेज करना।
- जिला एवं ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करना।
बिजनौर जिला प्रशासन का यह प्रयास स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। टीबी उन्मूलन और संचारी रोग नियंत्रण अभियान को सफल बनाने के लिए न केवल सरकारी तंत्र बल्कि स्थानीय नेतृत्व की भी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। यदि यह अभियान प्रभावी रूप से लागू किया गया तो निश्चित रूप से जिले में स्वास्थ्य स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा।












