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मुख्यमंत्री ने कमाण्ड सेण्टर का निरीक्षण किया, परफॉर्मेंस ट्रैकिंग पर दिए अहम निर्देश

मुख्यमंत्री ने कमाण्ड सेण्टर का निरीक्षण किया, परफॉर्मेंस ट्रैकिंग पर दिए अहम निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लाल बहादुर शास्त्री भवन में स्थित मुख्यमंत्री कमाण्ड सेण्टर का निरीक्षण किया और विभिन्न विभागों एवं परियोजनाओं की परफॉर्मेंस की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में अकर्मण्यता स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रदेश सरकार के लिए जनहित सर्वोपरि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वालों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने परफॉर्मेंस ट्रैकिंग के लिए विभागों और योजनाओं को तीन श्रेणियों—‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’—में बांटकर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जनपद स्तर पर श्रेणीवार प्रतिदिन, अल्टरनेट दिनों में, साप्ताहिक और पाक्षिक समीक्षा की व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया। इसके साथ ही, महीने में एक बार मंत्री स्तर पर समीक्षा करने और मुख्यमंत्री कार्यालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।

प्रमुख निर्देश:

  1. परफॉर्मेंस मॉनीटरिंग – विभागों और योजनाओं को तीन श्रेणियों (‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’) में रखकर नियमित समीक्षा की जाए।
  2. शासन स्तर पर जवाबदेही – खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों और अधिकारियों पर कार्यवाही होगी, जबकि अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
  3. समयबद्ध सेवाएं – वरासत, लैंड यूज जैसी सुविधाओं के निर्धारण में तय समय सीमा का पालन अनिवार्य।
  4. रैंडम चेकिंग – विभागीय परफॉर्मेंस डेटा की रैंडम चेकिंग की जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
  5. तकनीक का अधिकतम उपयोग – आईजीआरएस पोर्टल के संदर्भ में संतुष्टि प्रतिशत बढ़ाने पर जोर, शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग अनिवार्य।
  6. महत्वपूर्ण परियोजनाओं की निगरानी – कानपुर मेट्रो सहित अन्य प्रमुख परियोजनाओं की नियमित फोटो अपडेटिंग और ई-अधियाचन मामलों की गहन जांच के निर्देश।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं और अभियानों का 100 प्रतिशत संतृप्तिकरण (सैचुरेशन) आवश्यक है, अन्यथा उनका उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे छोटे लक्ष्य निर्धारित कर खानापूर्ति करने की बजाय, योजनाओं को क्षमता आधारित बनाएं और अधिकतम लोगों तक उनका लाभ पहुंचाने का प्रयास करें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी निर्देश दिए कि निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति को ट्रैक करने के लिए एक प्रभावी रैंकिंग प्रणाली विकसित की गई है, जिसमें गुणवत्ता और गति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

प्रदेश सरकार की इस नई रणनीति से सरकारी विभागों और योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है, जिससे विकास कार्यों की गति तेज होगी और आम जनता को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ मिलेगा।

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