बिजनौर के ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का आरोप: गोवंश आश्रय स्थल के बैंक अकाउंट की जांच की मांग

रिपोर्ट : अवनीश त्यागी
बिजनौर। जिले के विकासखंड कोतवाली देहात की ग्राम पंचायत जापरपुर में संचालित अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान द्वारा गोवंश आश्रय स्थल के बैंक अकाउंट से भुगतान के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
क्या है मामला ?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैंक अकाउंट से भुगतान चेक के माध्यम से किया जाना चाहिए, लेकिन कथित रूप से लाभार्थियों को नकद भुगतान किया जा रहा है। यह संदेह पैदा करता है कि कहीं न कहीं वित्तीय गड़बड़ी हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, पहले भी इस तरह की अनियमितता सामने आई थी, जब एक पूर्व सचिव ने अपने चहेतों को नकद भुगतान दिलवाया था। इस मामले की जांच भी चल रही है। अब, वर्तमान सचिव सरिता सैनी और प्रधान पर आरोप है कि वे अपने नजदीकी लोगों को चेक जारी कर रहे हैं, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ गई है।
नियमों का उल्लंघन ?
बैंकिंग नियमों के अनुसार, सरकारी योजनाओं और पंचायत के फंड का लेन-देन बैंक अकाउंट के माध्यम से किया जाना चाहिए। नकद भुगतान से वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं और भ्रष्टाचार की गुंजाइश बढ़ जाती है।
जनहित में जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गोवंश आश्रय स्थल के बैंक अकाउंट की जांच करवाई जाए और यह पता लगाया जाए कि पैसा किन उद्देश्यों के लिए निकाला गया था। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया जाए कि क्या भुगतान के लिए आवश्यक फॉर्म भरे गए थे या नहीं।
विशेष रूप से, सचिव और प्रधान द्वारा अलाउद्दीन नामक व्यक्ति को चेक जारी कर नकद भुगतान करने के मामले की भी जांच की जानी चाहिए। यह देखा जाना चाहिए कि क्या यह प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई या फिर इसमें कोई अनियमितता है।
प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा
यह मामला सामने आने के बाद पंचायत की वित्तीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। अगर प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच करता है और अनियमितता साबित होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियां न हो सकें।
ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेना जरूरी है। जिला प्रशासन को तत्काल इस मामले की जांच शुरू करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाने चाहिए।











