बिजनौर DM का कड़ा संदेश: मिलावटखोर सावधान, छापेमारी होगी तेज
बिजनौर DM उमेश प्रताप सिंह ने खाद्य सुरक्षा विभाग को सख्त निर्देश दिए। मिलावटखोरों पर छापेमारी तेज होगी, दूध के सैंपल बढ़ेंगे, रीयूज ऑयल पर नजर रहेगी। गरीबों को परेशान न करने की हिदायत।
DM बोले: कार्रवाई ऐसी हो कि जनता का भरोसा बढ़े, गरीब न हो परेशान
बिजनौर (TargetTvLive)। अगर आप खाने-पीने की चीजों में मिलावट करते हैं तो सावधान हो जाइए। बिजनौर के जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने खाद्य सुरक्षा विभाग को साफ संदेश दे दिया है, मिलावटखोरी बर्दाश्त नहीं होगी। गुरुवार को कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में DM ने अधिकारियों को छापेमारी और वसूली में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए।
रिपोर्ट, अवनीश त्यागी
लेकिन DM ने एक मानवीय हिदायत भी दी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई का डंडा सिर्फ दोषियों पर चले। आम आदमी और गरीबों को बेवजह परेशान न किया जाए। विभाग की छवि ऐसी बने कि जनता का भरोसा बढ़े, डर नहीं।
दूध और तेल पर खास नजर
बैठक में DM ने सबसे ज्यादा जोर दूध के नमूनों पर दिया। उन्होंने कहा कि दूध के सैंपल ज्यादा से ज्यादा उठाए जाएं, ताकि मिलावट का खेल पकड़ा जा सके। इसके साथ ही होटलों और दुकानों में बार-बार इस्तेमाल होने वाले खाने के तेल (रीयूज ऑयल) पर भी पैनी नजर रखने को कहा। DM बोले, खराब और मिलावटी खाना लोगों की सेहत बिगाड़ता है, इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लैब की सुस्ती पर नाराजगी
जिलाधिकारी ने इस बात पर नाराजगी जताई कि कई नमूनों की जांच रिपोर्ट लैब से समय पर नहीं आ रही। उन्होंने आदेश दिया कि हर लंबित मामले में लैब को तुरंत रिमाइंडर भेजा जाए। जरूरत पड़ी तो DM स्तर से भी पत्र जाएगा। रिपोर्ट आते ही दोषियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई हो।
लाइसेंस और कोर्ट केस का हिसाब
DM ने विभाग से यह भी पूछा कि खाद्य लाइसेंस कितने जारी हुए और कितने लंबित हैं। साथ ही सिविल कोर्ट में चल रहे खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुकदमों का पूरा ब्यौरा तलब किया।
अंत में जिलाधिकारी ने कहा, विभाग का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों तक शुद्ध और सुरक्षित खाना पहुंचाना है। अधिकारी जनहित को सबसे ऊपर रखकर काम करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अंशिका दीक्षित सहित खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।











