बिजनौर में विरासत का ख़ूनी गणित: पूर्व पालिका अध्यक्ष के कुनबे में ‘पुरखों की ज़मीन’ पर बरसीं गोलियाँ, तेहरे भाइयों में खूनी जंग से थर्राया अफजलगढ़
अवनीश त्यागी | (TargetTvLive) बिजनौर / अफजलगढ़ | 19 अक्टूबर 2026
Highlights
- विवाद की धुरी: मोहल्ला बेगम सराय में पूर्व पालिका अध्यक्ष स्वर्गीय अब्दुल रशीद कुरैशी की पैतृक भूमि का असंतुलित बंटवारा।
- मिडनाइट क्राइम: 19 अक्टूबर की रात 12:30 बजे तेहरे चचेरे भाइयों में खूनी भिड़ंत; अंधाधुंध फायरिंग और चाकूबाजी।
- हताहत: गोली और चाकू के वार से सारीम व अन्य लहूलुहान; सीएचसी से बिजनौर हायर सेंटर रेफर।
- डिजिटल सबूत: वारदात की पूरी तसवीर घटनास्थल के सीसीटीवी में कैद; प्रभारी निरीक्षक किशन अवतार सिंह के नेतृत्व में पुलिस की दबिश जारी
बिजनौर। पैतृक संपत्ति का मोह जब रिश्तों के कत्ल पर आमादा हो जाए, तो नतीजे कितने खौफनाक होते हैं—इसकी बानगी अफजलगढ़ नगर के मोहल्ला बेगम सराय में देखने को मिली। स्वर्गीय पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल रशीद कुरैशी के कुनबे में वर्षों से सुलग रही ‘पुरखों की ज़मीन’ की रंजिश रविवार देर रात 12:30 बजे बारूद और खून के साथ भड़क उठी। तेहरे चचेरे भाइयों के बीच हुए इस भीषण खूनी संघर्ष में न केवल गोलियाँ चलीं, बल्कि धारदार चाकुओं से भी ताबड़तोड़ जानलेवा हमले किए गए। इस सनसनीखेज वारदात में एक युवक को गोली लगने और कई के गंभीर रूप से घायल होने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
1. साम्राज्य, रसूख और हक़मारी: विवाद का पूरा इनसाइड ट्रैक
TargetTvLive की विशेष पड़ताल के अनुसार, इस पूरे विवाद का मुख्य कारण पैतृक ज़मीन का न्यायसंगत बंटवारा न होना है। अब्दुल रशीद कुरैशी (पूर्व पालिका अध्यक्ष) ने तीन शादियां की थीं, जिनसे परिवार की कई शाखाएं बनीं। पहली शादी से 5 बेटों में से एक बेटे की बरसों पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी (जिसका रहस्य आज तक अनसुलझा है)।
आरोप है कि बाकी बचे बेटों में से कुछ प्रभावशाली सदस्यों ने अपने रसूख और दबदबे के बल पर कुनबे की अधिकांश संपत्ति अपने नाम करा ली। इस हक़मारी के खिलाफ बिरादरी की पंचायतें भी हुईं, मगर नसीम कुरैशी और अब्दुल रहीम कुरैशी के परिवारों को उनके जायज हक से पूरी तरह वंचित रखा गया। हक की इसी अनदेखी ने समय के साथ बारूद का रूप ले लिया, जो आखिरकार आधी रात को विस्फोट बनकर फटा।
अब्दुल रशीद कुरैशी (दिवंगत पूर्व पालिका अध्यक्ष)
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प्रथम विवाह (5 पुत्र, 1 पुत्री) तृतीय विवाह (3 संतानें)
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│ (1 पुत्र की पूर्व में हत्या) │
├─ शरीफ कुरैशी व शमीम कुरैशी पक्ष ├─ नसीम व अब्दुल रहीम पक्ष
│ (अधिकांश संपत्ति पर कब्जा) │ (हक से वंचित होने का आरोप)
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[19 अक्टूबर: खूनी संघर्ष]
2. आधी रात को बारूद की गूँज और चाकुओं का वार
रविवार रात 12:30 बजे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी जंग में तब्दील हो गया। चचेरे भाइयों ने एक-दूसरे पर सीधे गोलियाँ दागनी शुरू कर दीं और चाकुओं से हमला बोल दिया। हमले में सारीम पेट और शरीर पर गोली व गंभीर वार लगने से खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ा, जबकि अन्य चचेरे भाई भी चाकुओं के वार से गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही अफजलगढ़ प्रभारी निरीक्षक किशन अवतार सिंह और कस्बा इंचार्ज मनीष कुमार भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। लहूलुहान घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) अफजलगढ़ भेजा गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें बिजनौर हायर सेंटर रेफर कर दिया।
3. सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, आरोपी फरार
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं।
प्रशासनिक रुख: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात का घटनाक्रम रिकॉर्ड हुआ है। परिजनों की तहरीर और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
TargetTvLive का संपादकीय दृष्टिकोण
पैतृक संपत्ति के विवादों में समय रहते निष्पक्ष और कानूनी हल न निकलना किस कदर जानलेवा साबित हो सकता है, अफजलगढ़ की यह घटना उसका जीवंत उदाहरण है।
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