बिंदल्स शुगर मिल का गन्ने की खेती में तकनीकी का नया दांव! बिजनौर में किसानों को 50% अनुदान पर मिलीं एफआईआरबी मशीनें
बिंदल्स शुगर मिल की पहल से आधुनिक बुवाई को बढ़ावा देने की कोशिश, जानिए किसानों को क्या हो सकता है फायदा
बिजनौर | 19 अक्टूबर 2026
गन्ने की खेती में लागत और श्रम की चुनौती के बीच किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए चांगीपुर स्थित बिंदल्स शुगर मिल ने पहल की है। मिल प्रबंधन ने दो किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर एफआईआरबी मशीनें वितरित कीं। इस पहल का उद्देश्य गन्ने की बुवाई को सुविधाजनक बनाने और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के साथ किसानों को खेती के नए तरीकों के प्रति प्रोत्साहित करना है।
Target TV Live | अवनीश त्यागी
किन किसानों को मिलीं मशीनें?
मिल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, गोहावर जैत निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र हुकम सिंह और नंगली पथवारी निवासी प्रशांत यादव पुत्र रविकांत यादव को एफआईआरबी मशीनें दी गईं। चीनी मिल के अध्यक्ष शशि गुप्ता और गन्ना विभागाध्यक्ष राहुल चौधरी ने मशीनों का वितरण किया।
इस अवसर पर मुख्य गन्ना प्रबंधक इंद्रवीर सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मिल अधिकारियों ने किसानों से गन्ने की खेती में आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक विधियों का अधिकाधिक उपयोग करने की अपील की।
गेहूं के लिए तैयार खेत में गन्ने की बुवाई पर जोर
मिल प्रबंधन के अनुसार, मशीन वितरण का एक प्रमुख उद्देश्य गेहूं के लिए तैयार खेत में डबल रो विधि (ट्रेंच विधि) से गन्ने की बुवाई को प्रोत्साहित करना है। इस पद्धति से गन्ने की बुवाई के लिए अलग से खेत तैयार करने की जरूरत कम हो सकती है।
खेती में मशीनों का इस्तेमाल बुवाई की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इससे किसान की लागत में कितनी कमी आएगी और उत्पादन पर कितना असर पड़ेगा, यह खेत की परिस्थितियों, अपनाई गई तकनीक और वास्तविक उपज पर निर्भर करेगा।
50 प्रतिशत अनुदान क्यों अहम?
आधुनिक कृषि उपकरणों की शुरुआती लागत किसानों के लिए चुनौती बन सकती है। ऐसे में 50 प्रतिशत अनुदान पर मशीन उपलब्ध कराने से किसानों पर शुरुआती आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।
लेकिन इस पहल का व्यापक लाभ तभी सामने आएगा, जब किसानों को मशीनों के सही इस्तेमाल, बुवाई की उपयुक्त विधि और फसल प्रबंधन के बारे में लगातार तकनीकी मार्गदर्शन भी मिले। इसके साथ ही खेती की लागत और उत्पादन से जुड़े परिणामों का आकलन जरूरी होगा।
गन्ना किसानों के लिए आगे की चुनौती
गन्ने की खेती में बेहतर उत्पादन के साथ लागत पर नियंत्रण भी किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। आधुनिक तकनीक अपनाने से संभावनाएं बनती हैं, लेकिन किसी भी पद्धति की सफलता का आकलन उसके वास्तविक परिणामों से ही किया जा सकता है।
बिंदल्स शुगर मिल ने किसानों को तकनीकी जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। फिलहाल, दो किसानों को मशीनें वितरित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस पहल का दूसरे किसानों तक विस्तार और इससे होने वाले लाभ का आकलन भविष्य में महत्वपूर्ण रहेगा।
निष्कर्ष
बिंदल्स शुगर मिल की यह पहल गन्ने की खेती में मशीनीकरण और आधुनिक बुवाई पद्धतियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक कदम है। अब इसकी उपयोगिता इस बात से तय होगी कि किसान इन मशीनों का कितना प्रभावी इस्तेमाल कर पाते हैं और इससे उनकी खेती की लागत तथा उत्पादन पर क्या असर पड़ता है।
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | Target TV Live, बिजनौर
संपादकीय नोट: समाचार मिल की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। दस्तावेज में मशीन की पूरी तकनीकी परिभाषा, अनुदान की कुल राशि तथा उत्पादन में संभावित वृद्धि के प्रमाणित आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इनका दावा नहीं किया गया है।












