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“बिजनौर में एटीएम के अंदर चिपका दिया ‘जादू का बॉक्स’; खबर पढ़कर उड़ जाएंगे होश!”

यूट्यूब देखकर सीखा ठगी का तरीका, फिर एटीएम में चिपकाया ‘जादू का बॉक्स’: बिजनौर में पुलिस ने दबोचे दो शातिर ठग

खास रिपोर्ट — अवनीश त्यागी (TargetTvLive)

बिजनौर। क्या आप जानते हैं कि जिस यूट्यूब का इस्तेमाल हम और आप अच्छी बातें सीखने के लिए करते हैं, उसी का इस्तेमाल करके कुछ लोग ठगी के नए-नए पैंतरे सीख रहे हैं? ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला बिजनौर के नजीबाबाद से सामने आया है। यहाँ दो शातिर ठगों ने यूट्यूब देखकर एटीएम से पैसे उड़ाने का नया तरीका सीखा और दर्जनों लोगों को चूना लगा दिया।

लेकिन कहते हैं ना, ‘अपराध का अंत एक न एक दिन होना ही होता है’! नजीबाबाद पुलिस ने सटीक घेराबंदी करके इस पूरे ‘डिजिटल ठग गिरोह’ का पर्दाफाश कर दिया है और दोनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

आखिर कैसे होता था यह ‘एटीएम का खेल’?

पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए ठगों ने जो राज खोले, उन्हें सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

  1. यूट्यूब से सीखा आइडिया: दोनों आरोपियों ने यूट्यूब पर वीडियो देखकर यह सीखा कि एटीएम मशीन में फेरबदल करके पैसे कैसे अटकाए जाते हैं।
  2. मशीन पर लगाते थे ‘लोहे का बॉक्स’: ये शातिर एटीएम के उस हिस्से (कैश डिस्पेंसर) पर टिन या लोहे का एक छोटा सा बॉक्स चिपका देते थे, जहाँ से रुपये बाहर निकलते हैं।
  3. पैसे अटकते ही बनाते थे मूर्ख: जब कोई सीधा-साधा इंसान एटीएम से पैसे निकालने आता, तो मशीन से रुपये निकलते तो थे, लेकिन उस बॉक्स की वजह से बाहर नहीं आ पाते थे।
  4. ‘मशीन खराब है’ बोलकर भगा देते थे: इसके बाद पास में ही खड़े ये ठग पीड़ित से कहते थे—“अरे भैया! यह एटीएम तो खराब है, थोड़ी देर में आना।” परेशान होकर ग्राहक जैसे ही वहां से हटता, ये शातिर उस बॉक्स को हटाकर फंसा हुआ पूरा कैश निकालकर चंपत हो जाते थे।

दो लगातार शिकायतों ने बढ़ाई पुलिस की हलचल

15 अक्टूबर को नजीबाबाद थाने में दो अलग-अलग लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे:

  • पहली शिकायत: गड़मलपुर के रहने वाले वसीम के एटीएम से बिना उनकी जानकारी के 5,000 रुपये साफ हो गए थे।
  • दूसरी शिकायत: इसेमपुर के रहने वाले हनी राज के खाते से 10,000 रुपये इसी तरह उड़ा लिए गए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मुकदमे दर्ज किए और आसपास के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज की मदद से पुलिस को दो संदिग्धों की लोकेशन और पहचान मिल गई।

रायपुर अड्डे पर बिछाया जाल, रंगे हाथों पकड़े गए

16 अक्टूबर को पुलिस को खबर मिली कि ये दोनों ठग नजीबाबाद के रायपुर अड्डा चौराहे पर स्थित एसबीआई (SBI) एटीएम को निशाना बनाने पहुंचे हैं।

सूचना मिलते ही नजीबाबाद पुलिस टीम ने बिना देर किए मौके पर घेराबंदी की। जैसे ही दोनों आरोपी एटीएम में अपना ‘सैटअप’ लगाकर बाहर निकले, पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।

कौन हैं पकड़े गए आरोपी?

  1. आरिफ (पुत्र ताहिर, निवासी: ग्राम फुलसण्डा, थाना नहटौर, बिजनौर)
  2. शकील (पुत्र खैराती, निवासी: मोहल्ला छापीग्रान, थाना नहटौर, बिजनौर)

लक्जरी कार, दर्जनों मोबाइल और औजार बरामद

पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस को मिला सामान देखकर साफ हो गया कि ये काफी समय से इस धंधे में शामिल थे:

  • एक सेण्ट्रो कार (जिससे ये वारदात करने आते थे)
  • 6 मोबाइल फोन
  • टिन और लकड़ी के 4 विशेष बॉक्स (एटीएम में चिपकाने वाले)
  • एटीएम चिपकाने वाले औजार और 1 एटीएम कार्ड
  • 6,400 रुपये नगद

गाजियाबाद तक फैला है इस गैंग का नेटवर्क

पुलिस जांच में पता चला है कि यह गिरोह केवल बिजनौर ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों में ऐसी घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

इनमें से आरोपी आरिफ के खिलाफ गाजियाबाद के थाना खोड़ा और इंदिरापुरम में चोरी, धोखाधड़ी और अवैध हथियार रखने के कई संगीन मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वहीं आरोपी शकील पर भी कई मामले दर्ज पाए गए हैं।

गुडवर्क करने वाली पुलिस टीम

इस केस का सफलतापूर्वक खुलासा करने में नजीबाबाद के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार, उप-निरीक्षक कय्यूम अली, उप-निरीक्षक नरेन्द्र शर्मा, हेड कांस्टेबल अंशल अहलावत, कांस्टेबल संदीप और गुलमेन्द्र की अहम भूमिका रही।

TargetTvLive की खास अपील: एटीएम इस्तेमाल करते वक्त रखें ये 3 बातें याद

  1. कैश स्लॉट को ध्यान से देखें: पैसे निकलने वाली जगह पर कोई पत्ती, बॉक्स या चिपचिपी चीज तो नहीं लगी है? अगर ऐसा दिखे तो तुरंत दूरी बनाएं।
  2. पैसे न निकलें तो तुरंत वहां से न हटें: अगर आपके खाते से मैसेज आ जाए लेकिन कैश बाहर न निकले, तो तुरंत बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। किसी अनजान व्यक्ति की बात पर भरोसा न करें।
  3. पिन (PIN) हमेशा छिपाकर दर्ज करें: एटीएम का इस्तेमाल करते समय अपना गुप्त पिन हमेशा हाथ से ढंककर ही दबाएं।

रिपोर्ट: अवनीश त्यागी कवरेज: TargetTvLive

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