AI डीपफेक वीडियो से ब्लैकमेलिंग: रामलीला कमेटी को धमकाने वाले दो साइबर अपराधी बिजनौर पुलिस की गिरफ्त में
विशेष : अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर में तकनीक के दुरुपयोग का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। थाना कोतवाली देहात पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रामलीला के पुराने वीडियो को एडिट कर अश्लील रूप देने और इसे वायरल करने की धमकी देकर रंगदारी वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से रंगदारी के ₹20,730 नकद और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
क्या है पूरा मामला? (FIR Details)
मामले की शुरुआत 14 अक्टूबर 2026 को हुई, जब थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम कृतो नंगली उर्फ पैरुवाला निवासी वादी खिलेन्द्र (पुत्र चन्द्रपाल सिंह) ने थाने में एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि कुछ लोग रामलीला मंचन को रुकवाने की साजिश रच रहे हैं।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा संख्या 249/2026 के तहत धारा 299, 300, 308(5), 351(3) बीएनएस और 67 आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। अभियुक्तों ने रामलीला कमेटी के अध्यक्ष को निशाना बनाते हुए ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की रंगदारी मांगी थी।
AI तकनीक का दुरुपयोग कर रची गई थी साजिश
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इन आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों को डराकर अवैध वसूली की योजना बनाई थी। योजना के तहत:
- रामलीला मंचन के दौरान के पुराने वीडियो को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए एडिट कर उसे अश्लील रूप दिया गया।
- मांग पूरी न होने पर इस एडिटेड वीडियो को पत्रकार समूहों (Journalist Groups), सोशल मीडिया और पुलिस अधिकारियों को भेजकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
- धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर जान से मारने की भी चेतावनी दी गई थी।
पुलिस ने बिछाया जाल और दबोचे आरोपी
थाना कोतवाली देहात पुलिस और साइबर सेल की सक्रियता के चलते आरोपियों की यह चाल कामयाब नहीं हो सकी।
- गिरफ्तारी का स्थान: रसूलपुर जागन उर्फ लक्खूवाला चौराहे के पास।
- सौदेबाजी: आरोपियों ने रामलीला कमेटी के अध्यक्ष से ₹20,000 पहले ही प्राप्त कर लिए थे और शेष ₹30,000 बाद में देना तय हुआ था।
- बरामदगी: पुलिस ने मौके से दबिश देकर दो अभियुक्तों को दबोच लिया। उनके पास से कुल ₹20,730 नकद और 3 एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम और पते:
- अमन पुत्र सुनील कुमार (निवासी: ग्राम रतनगढ़, थाना शिवाला कलां, बिजनौर) – इसके पास से 2 मोबाइल फोन और ₹10,000 नकद बरामद हुए।
- सादाब उर्फ शाहदत पुत्र क्यूम खान (निवासी: ग्राम तंगरौला, थाना नूरपुर, बिजनौर) – इसके पास से 1 मोबाइल फोन और ₹10,730 नकद बरामद हुए।
सराहनीय रही पुलिस टीम की भूमिका
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में निम्नलिखित अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे:
- निरीक्षक साइबर अपराध श्री सतीश कुमार (क्षेत्राधिकारी कार्यालय नगीना, बिजनौर)
- उ0नि0 विपिन कुमार (थाना कोतवाली देहात)
- का0 3049 अखिल चौधरी (थाना कोतवाली देहात)
- का0 3184 शिवम त्यागी (थाना कोतवाली देहात)
- का0 600 प्रमोद कुमार (थाना कोतवाली देहात)
- का0 आकाश तंवर (थाना कोतवाली देहात)
TargetTvLive की इस विशेष रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और मामले में आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रचलित है। डिजिटल युग में एआई के इस तरह के दुरुपयोग ने समाज में सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है, जिसपर पुलिस प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है।












