एक्सक्लूसिव खुलासा:
‘Repo App’ से गाड़ियाँ ट्रैक कर सड़क पर लूटपाट करने वाला हाइटेक ‘रिकवरी’ गैंग बिजनौर में दबोचा गया, 4 गिरफ्तार!
डिजिटल डेस्क, TargetTvLive (बिजनौर) विशेष रिपोर्ट: अवनीश त्यागी स्थान: नगीना, बिजनौर (उत्तर प्रदेश) दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
बिजनौर (TargetTvLive): स्वाट, सर्विलांस और नगीना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो फाइनेंस वाहनों का डेटा ‘रैपो ऐप’ से निकालकर वाहन स्वामियों से ब्लैकमेलिंग, मारपीट और लूटपाट करता था। पुलिस ने 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से छीनी गई स्प्लेंडर बाइक बरामद की है।
क्या है पूरा सनसनीखेज मामला?
उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्वाट/सर्विलांस और थाना नगीना पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हासिल हुई है। फाइनेंस कराई गई गाड़ियों की किस्त जमा न होने पर ‘रैपो ऐप’ (Repo App) का सहारा लेकर वाहन स्वामियों से अवैध रिकवरी, बदसलूकी और लूट करने वाले 4 शातिर अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने इनके खिलाफ मु0अ0सं0 312/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4), 308(2), 352, 126(2) व 317(2) के तहत विधिक कार्रवाई की है।
वारदात की कहानी: पीड़ित की जबानी
यह पूरा मामला तब सामने आया जब 13 अक्टूबर 2026 को मोहल्ला छिप्पीपाड़ा (थाना नगीना) निवासी खालिद पुत्र इरफान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित खालिद ने बताया कि जब वह अपनी स्प्लेंडर प्लस बाइक (नंबर: UK07FF7621) से जा रहे थे, तभी बिप्पू, अनुराग और उनके दो अन्य साथियों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने गाड़ी पर बकाया किस्त का खौफ दिखाकर ₹56,000 की मांग की। जब खालिद ने इतने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने उनके साथ जमकर अभद्रता की और जेब में रखे ₹5,500 नकद व उनकी बाइक छीनकर फरार हो गए।
रैपो ऐप (Repo App) से डिजिटल ब्लैकमेलिंग का खेल
पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने इस हाइटेक अपराध का तरीका उजागर किया:
- डेटा की चोरी/ट्रैकिंग: गैंग के सदस्य ‘रैपो ऐप’ के माध्यम से उन वाहनों का पूरा डेटा हासिल करते थे, जिनकी फाइनेंस की किस्तें बकाया होती थीं।
- रास्ता रोककर खौफ जमाना: गाड़ी का नंबर और लोकेशन मिलते ही यह गैंग वाहन स्वामी का घेराव करता था और गाड़ी सीज करने का डर दिखाकर मौके पर ही मोटी रकम ऐंठता था।
- उत्तराखंड कनेक्शन: यदि कोई वाहन स्वामी पैसे देने में असमर्थ होता या विरोध जताता, तो आरोपी उसके साथ मारपीट कर वाहन छीन लेते थे और उसे हरिद्वार स्थित ‘अजय एसोसिएट्स’ में ले जाकर ठिकाने लगा देते थे।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की प्रोफाइल
14 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर निम्नलिखित 4 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया:
- बिप्पू पुत्र सुनील उर्फ सेठी (निवासी: मोहल्ला-सय्यदबाड़ा, थाना नगीना, बिजनौर)
- अनुराग सक्सेना पुत्र राकेश सक्सेना (निवासी: आशियाना कॉलोनी फेस-02, थाना सिविल लाइन, मुरादाबाद)
- पुष्पेंद्र पुत्र मुनिराज (निवासी: ग्राम कस्बा कोटरा, थाना नगीना, बिजनौर) – (हिस्ट्रीशीटर H.S. 304A)
- आकाश पुत्र संजीव रघुवंशी (निवासी: सिकंदरपुर बसी, थाना नजीबाबाद, बिजनौर)
आपराधिक इतिहास: रिकॉर्ड में दर्ज हैं संगीन अपराध
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्यों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है:
- पुष्पेंद्र (हिस्ट्रीशीटर H.S. 304A): इसके खिलाफ नगीना, कोतवाली देहात और मुजफ्फरनगर के खतौली थाने में गैंगस्टर एक्ट (3(1) Gangster Act), रंगदारी, बलवा और धोखाधड़ी जैसे 6 गंभीर मामले दर्ज हैं।
- आकाश: इसके खिलाफ थाना नजीबाबाद में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, बलवा और सरकारी कार्य में बाधा डालने के 4 मुकदमे पंजीकृत हैं।
- बिप्पू: इसके खिलाफ थाना नगीना में धारा 303/506 भादवि के तहत आपराधिक मामला दर्ज है।
बरामदगी
- 01 मोटरसाइकिल स्प्लेंडर प्लस (पंजीकरण संख्या: UK07FF7621)
सराहनीय कार्य करने वाली संयुक्त पुलिस टीम
इस फर्जी रिकवरी नेटवर्क को ध्वस्त करने में निम्नलिखित अधिकारियों व जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही:
- निरीक्षक सचिन मलिक (प्रभारी स्वाट टीम, बिजनौर)
- उ0नि0 हिमांशु (प्रभारी सर्विलांस टीम, बिजनौर)
- उ0नि0 महेंद्र सिंह नागर (थाना नगीना, बिजनौर)
- उ0नि0 शोकत अली (स्वाट टीम, बिजनौर)
- मुख्य सहयोगी टीम: कॉन्स्टेबल मोनू कुमार, बालेन्द्र (सर्विलांस), अरुण (स्वाट), आमोद कुमार, सोनू, ललित कुमार, तरुण कुमार, विवेक कुमार, शिशान्त कसाना, राजू और रावेन्द्र कुमार (थाना नगीना)।
TargetTvLive का विशेष विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण
TargetTvLive अपने पाठकों को सचेत करता है कि यदि सड़क पर कोई भी व्यक्ति रिकवरी एजेंट बताकर जबरन आपकी गाड़ी रोके या अवैध वसूली का प्रयास करे, तो डरने के बजाय तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचित करें। बैंक या फाइनेंस एजेंसियों के पास भी गाड़ियाँ जब्त करने के कानूनी नियम हैं; किसी भी ऐप का सहारा लेकर सड़क पर दादागिरी और लूटपाट करना पूरी तरह गैर-कानूनी है।
संपादक/संवाददाता: अवनीश त्यागी कवरेज: TargetTvLive डिजिटल मीडिया नेटवर्क












