बिजनौर में गौवध की सूचना पर पुलिस मुठभेड़ से मचा हड़कंप, आरोपी के पैर में लगी गोली; तीन गिरफ्तार, दो फरार
जंगल में घेराबंदी होते ही पुलिस टीम पर फायरिंग का आरोप, जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी घायल—करीब दो कुंतल गौवंशीय मांस, अवशेष, पशुवध उपकरण और अवैध तमंचा बरामद

अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर। कोतवाली देहात क्षेत्र में रविवार को कथित गौवध की सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ का मामला सामने आया। ग्राम अकबराबाद के जंगल में पुलिस और संदिग्ध आरोपियों के आमने-सामने आने के बाद फायरिंग हुई। पुलिस का दावा है कि टीम को देखते ही आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से गोलीबारी शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया। दो आरोपी मौके से जंगल की आड़ लेकर फरार हो गए।
पुलिस की आगे की कार्रवाई में घटनास्थल के आसपास से दो महिलाओं को भी गौवंशीय मांस के साथ गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई है। इस तरह पुलिस के अनुसार मामले में कुल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
करीब दो कुंतल मांस मिलने से बढ़ी गंभीरता
पुलिस के अनुसार मौके से लगभग दो कुंतल गौवंशीय मांस, खाल, खुर सहित पशु अवशेष और पशुवध में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बरामद किए गए। इसके साथ ही आरोपी आसिफ के कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद होने का दावा किया गया है। बरामद मांस और अवशेषों को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया है।
पूछताछ के बाद दो और गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक घायल अवस्था में गिरफ्तार आरोपी की प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर घटनास्थल के आसपास से आसमा पत्नी आसिफ और जुबैदा पत्नी चुन्नु को पांच-पांच किलोग्राम गौवंशीय मांस के साथ गिरफ्तार किया गया।
वहीं पुलिस ने फरार बताए गए नोशाद पुत्र कालू और नदीम पुत्र चुन्नू की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर तलाश तेज कर दी है।
आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
इस कार्रवाई को पुलिस रिकॉर्ड के एक और तथ्य ने गंभीर बना दिया है। पुलिस प्रेस नोट के अनुसार घायल आरोपी आसिफ पुत्र रशीद के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज रहे हैं। इनमें गौवध निवारण अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, शस्त्र अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं से जुड़े मुकदमे शामिल हैं।
पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ वर्ष 2019, 2020, 2023 और 2025 के मामलों का उल्लेख है। वर्तमान घटना को लेकर भी उसके खिलाफ नया मुकदमा दर्ज किया गया है।
किन धाराओं में हुई कार्रवाई?
थाना कोतवाली देहात में मु0अ0सं0 199/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस प्रेस नोट के अनुसार इसमें धारा 109(1)/3(5) बीएनएस, 3/25/27 आर्म्स एक्ट तथा 3/5/8 गौवध निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार घटना के बाद क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।
अब असली चुनौती फरार आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस की कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल अब फरार बताए गए दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर है। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित करने की बात कही है।
मामला केवल बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। जांच में यह भी स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि कथित घटना के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे, घटनास्थल का इस्तेमाल कितने समय से हो रहा था और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था। इन सवालों का जवाब विवेचना और आगे की कार्रवाई से ही सामने आएगा।
विश्लेषण: पुलिस की कार्रवाई के साथ जवाबदेही की कसौटी भी महत्वपूर्ण
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर अपराध पर तत्काल कार्रवाई और अपराध की जड़ तक पहुंचने—दोनों की जरूरत को सामने ला दिया है। पुलिस के अनुसार उसे मुखबिर से सूचना मिली, टीम मौके पर पहुंची, घेराबंदी की गई और फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी घायल हुआ। इसके बाद बरामदगी और गिरफ्तारियों की कार्रवाई की गई।
लेकिन किसी भी मुठभेड़ या आपराधिक मामले में पुलिस का दावा अंतिम निष्कर्ष नहीं होता। फायरिंग की परिस्थितियों, बरामद हथियार, मांस एवं अन्य साक्ष्यों और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि कानूनी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होगी।
खास बात यह भी है कि पुलिस रिकॉर्ड में मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से कई मुकदमों का उल्लेख है। ऐसे में आगे की जांच की दिशा केवल गिरफ्तारी तक सीमित रहने के बजाय कथित अपराध की पूरी कड़ी तक पहुंचने पर रहेगी। यही कार्रवाई की वास्तविक प्रभावशीलता की कसौटी भी होगी।
पुलिस टीम की कार्रवाई
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार कार्रवाई थाना प्रभारी सुनील कुमार के नेतृत्व में हुई। टीम में उपनिरीक्षक विपिन कुमार, उपनिरीक्षक अन्नू कुमार, महिला उपनिरीक्षक प्रीति पंवार समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे।
TargetTvLive की नजर
अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर के कोतवाली देहात क्षेत्र की इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरफ्तारी और बरामदगी को बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया है। अब निगाह इस पर रहेगी कि फरार बताए गए दोनों आरोपी कब पकड़े जाते हैं और विवेचना में कथित गौवध की पूरी कड़ी तथा अन्य संभावित संलिप्तता को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।
महत्वपूर्ण: यह रिपोर्ट पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। इसमें उल्लिखित आरोप पुलिस के दावे हैं और उनकी अंतिम पुष्टि सक्षम न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर होगी।












