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पॉक्सो केस में 15 दिन में इंसाफ! पुलिस की मजबूत पैरवी से आरोपी को 4 साल की सजा, बना नया रिकॉर्ड

बिजनौर में पॉक्सो केस में 15 दिन में इंसाफ! नजीबाबाद पुलिस की मजबूत पैरवी से आरोपी को 4 साल की सजा, बना नया रिकॉर्ड

रिपोर्ट : अवनीश त्यागी | TargetTvLive

बिजनौर जनपद में “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत नजीबाबाद पुलिस और अभियोजन विभाग ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए पॉक्सो एक्ट के एक संवेदनशील मामले में मात्र 15 दिनों के भीतर आरोपी को सजा दिलाकर न्यायिक प्रणाली की तेजी और पुलिस की कार्यकुशलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, बिजनौर की अदालत ने आरोपी को 4 वर्ष के कठोर कारावास और 21 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों को कानून से बचने का अवसर नहीं मिलेगा।

क्या है पूरा मामला?

16 जुलाई 2026 को एक महिला द्वारा थाना नजीबाबाद में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उसकी पुत्री के साथ छेड़छाड़ की घटना हुई है। शिकायत के आधार पर तत्काल मुकदमा अपराध संख्या-361/2026 के तहत धारा 74 बीएनएस एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।

विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर ग्राम किशनपुर आवला निवासी दानिश पुत्र मुन्ने का नाम प्रकाश में आने पर 18 जुलाई 2026 को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

मात्र 15 दिनों में पूरी हुई न्यायिक प्रक्रिया

इस मामले की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पुलिस विवेचना, आरोप-पत्र दाखिल करने और अभियोजन की प्रभावी पैरवी की प्रक्रिया बेहद तेजी से पूरी की गई। स्थानीय पुलिस एवं मॉनिटरिंग सेल द्वारा न्यायालय में सशक्त एवं प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप मात्र 15 दिनों के भीतर दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सकी।

31 जुलाई 2026 को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, बिजनौर ने आरोपी को दोषी करार देते हुए निम्न दंड सुनाया—

  • 4 वर्ष का कठोर कारावास।
  • 21,000 रुपये का अर्थदंड।

ऑपरेशन कन्विक्शन की सफलता का उदाहरण

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायालय में मजबूत पैरवी के माध्यम से दोषियों को शीघ्र सजा दिलाना इसका प्रमुख उद्देश्य है।

नजीबाबाद पुलिस द्वारा इस मामले में दिखाई गई सक्रियता यह दर्शाती है कि यदि विवेचना समयबद्ध, वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित हो तो त्वरित न्याय संभव है।

महिला एवं बाल सुरक्षा के लिए सकारात्मक संदेश

बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों में त्वरित कार्रवाई और शीघ्र सजा समाज में अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित दोषसिद्धि पीड़ित परिवारों का न्यायिक व्यवस्था पर विश्वास मजबूत करती है तथा समाज में कानून का भय स्थापित करती है।

TargetTvLive विश्लेषण

पॉक्सो जैसे संवेदनशील मामलों में वर्षों तक मुकदमे लंबित रहने की शिकायतें अक्सर सामने आती रही हैं। ऐसे में बिजनौर पुलिस द्वारा मात्र 15 दिनों के भीतर आरोपी को सजा दिलाना कानून व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा सकता है। यदि इसी प्रकार विवेचना और अभियोजन की प्रक्रिया को सभी गंभीर मामलों में अपनाया जाए तो पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

दोषसिद्ध आरोपी

  • दानिश पुत्र मुन्ने
  • निवासी : ग्राम किशनपुर आवला, थाना नजीबाबाद, जनपद बिजनौर

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