“क्या आप भी इस्तेमाल कर रहे हैं ये मच्छर भगाने वाले उत्पाद? बिजनौर प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी”

रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर। मच्छरों से राहत दिलाने का दावा करने वाले कुछ उत्पाद अब प्रशासन की निगरानी में आ गए हैं। बिजनौर में जिला कृषि रक्षा विभाग ने ऐसे मच्छर भगाने वाले उत्पादों के खिलाफ अभियान शुरू किया है, जिनमें प्रतिबंधित या संदिग्ध रसायनों के इस्तेमाल की आशंका है। विभाग की टीम ने शहर में छापेमार निरीक्षण कर दुकानदारों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि ऐसे उत्पादों की बिक्री या भंडारण किया गया तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बाजार में उतरी टीम, दुकानों और गोदामों की हुई जांच
जिला कृषि रक्षा अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया और कीटनाशी निरीक्षक अक्षय कुमार ने संयुक्त रूप से कई दुकानों, गोदामों और पेस्ट कंट्रोल से जुड़े प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान उन उत्पादों की विशेष जांच की गई जिनमें डाईमेंफलूथ्रिन और मेपरफलूथ्रिन जैसे रसायनों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है।
अधिकारियों ने कहा कि इन रसायनों से बने कुछ उत्पादों को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं सामने आई हैं, इसलिए ऐसे उत्पादों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
इन उत्पादों को लेकर प्रशासन ने जताई सख्ती
निरीक्षण के दौरान विभाग ने दुकानदारों को स्वीट नाइट, डायनासोर, श्री डेंगू किलर और कंफर्ट नाम से बिक रहे उत्पादों के संबंध में विशेष रूप से सतर्क किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन उत्पादों का भंडारण या बिक्री पाए जाने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दो प्रतिष्ठानों पर हुई जांच
छापेमार कार्रवाई के दौरान खुराना एंटरप्राइजेज, नई बस्ती बिजनौर और रहमानी एंड संस, बिजनौर का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने दोनों प्रतिष्ठानों के संचालकों को निर्देश दिए कि वे ऐसे किसी भी उत्पाद का स्टॉक न रखें, जिन पर विभाग ने आपत्ति जताई है।
जनता से भी की गई अपील
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने आम लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि केवल सस्ते या आकर्षक दावों वाले उत्पाद खरीदने के बजाय उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा पर भी ध्यान दें। यदि किसी उत्पाद को लेकर संदेह हो तो उसकी जानकारी संबंधित विभाग को दें।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
विभाग ने साफ कर दिया है कि यह अभियान एक दिन की कार्रवाई नहीं है। आने वाले दिनों में जिलेभर में लगातार निरीक्षण किए जाएंगे। यदि किसी स्थान पर प्रतिबंधित मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों या अन्य उत्पादों का निर्माण, बिक्री या भंडारण पाया गया तो माल जब्त करने के साथ-साथ कीटनाशक अधिनियम 1968 और नियम 1971 के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
स्वास्थ्य सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस
बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही बाजार में मच्छर भगाने वाले उत्पादों की मांग भी बढ़ जाती है। ऐसे समय में प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि लोगों तक केवल सुरक्षित और मानक के अनुरूप उत्पाद ही पहुंचें। यही वजह है कि विभाग ने अब बाजार में बिक रहे संदिग्ध उत्पादों पर सख्त नजर रखनी शुरू कर दी है।
क्या है संदेश?
प्रशासन का साफ संदेश है—लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले उत्पादों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुकानदार नियमों का पालन करें और उपभोक्ता भी जागरूक बनें, तभी ऐसे उत्पादों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
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