बिजनौर में कचरा प्रबंधन पर डीएम का बड़ा एक्शन प्लान: अब गीला-सूखा कचरा अलग करना होगा जरूरी, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
रिपोर्ट अवनीश त्यागी Targettvlive
बिजनौर । जनपद में बढ़ती कचरा प्रबंधन की चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने स्पष्ट कर दिया है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) को लेकर अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नगर निकायों और संबंधित विभागों को विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में चल रहे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के लिए कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण बेहद जरूरी है। इसके लिए सभी नगर निकायों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
बड़े संस्थानों पर रहेगी विशेष नजर
जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे संस्थानों की पहचान करें, जहां बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। इनमें होटल, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, बैंक्वेट हॉल, औद्योगिक इकाइयां और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। इन सभी को बल्क वेस्ट जनरेटर के रूप में चिन्हित कर निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा, ताकि उनके द्वारा उत्पन्न कचरे का सही प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
हर नगर निकाय बनाएगा अलग कार्ययोजना
डीएम ने कहा कि सभी निकाय अपने क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। इसमें घर-घर कूड़ा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण, परिवहन, निस्तारण, जनजागरूकता अभियान और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने जैसे बिंदुओं को शामिल किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
घर से ही अलग करना होगा गीला और सूखा कचरा
बैठक में जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि कचरा प्रबंधन की शुरुआत घरों से होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि घरों, संस्थानों और दुकानों से निकलने वाले गीले, सूखे, सैनिटरी और विशेष श्रेणी के कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।
इसके लिए नगर निकायों को अलग संग्रहण और निस्तारण प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाने को भी कहा गया है।
खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने और खुले में कूड़ा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नियमित निरीक्षण किए जाएंगे और अवैध डंपिंग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि जब तक नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, तब तक स्वच्छता अभियान पूरी तरह सफल नहीं हो सकता।
स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा पर जोर
सैनिटरी वेस्ट और अन्य विशेष श्रेणी के कचरे के सुरक्षित निस्तारण को लेकर भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित मानकों का पालन न होने से पर्यावरण प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए इस तरह के कचरे के निस्तारण में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
स्वच्छ बिजनौर की दिशा में बड़ा कदम
प्रशासन की इस पहल को स्वच्छ और स्वस्थ बिजनौर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि नगर निकाय और आम नागरिक मिलकर इस अभियान को सफल बनाते हैं, तो जनपद में स्वच्छता व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को भी गति मिलेगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रण विजय सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अंशिका दीक्षित, सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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