वोटर लिस्ट से विधानसभा 2027 तक… बिजनौर में सपा ने तेज की चुनावी तैयारी, कार्यकर्ताओं को दिया बड़ा संदेश

जनहित के मुद्दों पर संघर्ष और बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का आह्वान, भाजपा सरकार पर साधा निशाना
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
बिजनौर। आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच समाजवादी पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ानी शुरू कर दी है। शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित मासिक बैठक में संगठन की मजबूती, वोटर लिस्ट की निगरानी, पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज की भागीदारी बढ़ाने और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर गंभीर मंथन किया गया।
बैठक में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने साफ संकेत दिया कि पार्टी अब जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने के अभियान में जुट चुकी है। जनहित के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने और सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
“वोटर लिस्ट लोकतंत्र की रीढ़, हर कार्यकर्ता रहे सतर्क”
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सपा जिलाध्यक्ष हनी फैसल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव की निष्पक्षता और लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का सही होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में वोटर लिस्ट का गहन परीक्षण करना चाहिए और यदि कहीं किसी पात्र मतदाता का नाम छूट रहा हो या किसी प्रकार की गड़बड़ी दिखाई दे तो तत्काल उसकी जानकारी पार्टी संगठन और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी केवल चुनावी राजनीति नहीं बल्कि जनता के अधिकारों और समस्याओं की लड़ाई लड़ने वाली पार्टी है। इसलिए कार्यकर्ताओं को जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को उठाना होगा और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष को और मजबूत बनाना होगा।
बूथ मजबूत होगा तो चुनाव मजबूत होगा
हनी फैसल ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में सफलता का आधार बूथ स्तर का मजबूत संगठन होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से हर गांव, हर वार्ड और हर मोहल्ले में पार्टी की सक्रिय इकाइयां बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की ताकत उसका जमीनी कार्यकर्ता है। यदि प्रत्येक बूथ पर मजबूत टीम तैयार हो जाती है तो आने वाले चुनावों में पार्टी को बड़ा लाभ मिलेगा। इसके लिए अभी से घर-घर संपर्क अभियान और नए लोगों को पार्टी से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करनी होगी।
पीडीए की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
बैठक में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज की राजनीतिक भागीदारी को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा सामाजिक न्याय और समान भागीदारी की पक्षधर रही है।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में पीडीए समाज विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहा है और उसे राजनीतिक रूप से मजबूत प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है। समाजवादी पार्टी इस वर्ग की आवाज को मजबूती से उठाने का काम कर रही है और आगामी चुनावों में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को बनाया मुद्दा
बैठक के दौरान भाजपा सरकार की नीतियों पर भी तीखा हमला बोला गया। जिलाध्यक्ष हनी फैसल ने कहा कि आज आम आदमी बढ़ती महंगाई से परेशान है। घरेलू बजट लगातार बिगड़ रहा है और बिजली, पेट्रोल-डीजल तथा रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों में बढ़ोतरी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
उन्होंने कहा कि युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, किसान अपनी फसलों के उचित मूल्य और लागत बढ़ने की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में जनता बदलाव चाहती है और समाजवादी पार्टी की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है।
उन्होंने दावा किया कि आने वाला समय पीडीए और समाजवादी विचारधारा का होगा क्योंकि जनता अब विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर राजनीति चाहती है।
शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर भी बनाई रणनीति
बैठक में आगामी शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से चुनाव को पूरी मजबूती के साथ लड़ने और शिक्षकों के बीच पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का आह्वान किया। संगठन के विस्तार और चुनावी तैयारियों के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां भी तय की गईं।
राजनीतिक मायने: 2027 की तैयारी का संकेत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक केवल मासिक समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सपा की शुरुआती रणनीतिक तैयारियों का स्पष्ट संकेत भी देती है। वोटर लिस्ट की निगरानी, बूथ प्रबंधन, पीडीए समीकरण और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देना यह दर्शाता है कि पार्टी अब चुनावी मोड में प्रवेश कर चुकी है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विशेषकर बिजनौर जैसे जिलों में संगठन को सक्रिय करने की कवायद आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकती है। ऐसे में सपा का यह अभियान आगामी चुनावी माहौल को और गर्माने वाला माना जा रहा है।
बैठक में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
बैठक का संचालन जिला महासचिव धनंजय यादव ने किया। इस अवसर पर विधायक तसलीम अहमद, रामअवतार सैनी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. रमेश तोमर, पूर्व सांसद यशवीर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, अखलाक पप्पू, अमित चौहान, सत्यपाल सिंह, महमूद कुरैशी, जावेद अख्तर, प्रभा चौधरी, शहजाद अंसारी, शिवकुमार गोस्वामी, मदन लाल सैनी, कमलेश भुइयार, योगेश रस्तोगी, डॉ. कुंतेश सैनी, राधा सैनी, कृपारानी प्रजापति, मोमिन खान, मनोज राजपूत, अशोक गहलोत, डॉ. लुकमान, आदित्य चौहान, प्रमोद प्रधान, सुरेश चंद्रा, जुल्फेकार कुरैशी, सुधीर चौधरी, सुरेंद्र वाल्मीकि सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
TargetTvLive निष्कर्ष
बिजनौर में आयोजित सपा की यह बैठक संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति का मिश्रण नजर आई। वोटर लिस्ट की निगरानी से लेकर पीडीए को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों को लेकर संघर्ष की घोषणा तक, पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह आने वाले चुनावों के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
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