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बिजनौर में न्याय का रिकॉर्ड: एक ही दिन में 70,991 मामलों का निपटारा, करोड़ों रुपये की समझौता राशि

बिजनौर में राष्ट्रीय लोक अदालत का बड़ा असर: 70,991 मामलों का निस्तारण, करोड़ों की समझौता राशि दिलाई गई

एक ही दिन में हजारों मामलों का निपटारा, पीड़ितों को मिली करोड़ों रुपये की राहत, अदालत परिसर में लगा न्याय का विशेष शिविर

बिजनौर। डिजीटल न्यूज डेस्क के लिए     अवनीश त्यागी की स्पेशल रिपोर्ट 

जनपद न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने न्याय व्यवस्था को गति देने का बड़ा उदाहरण पेश किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित इस लोक अदालत में कुल 70,991 मामलों का निस्तारण किया गया। साथ ही 7,50,220 रुपये जुर्माना वसूला गया और विभिन्न मामलों में 10,51,81,445 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई गई।

यह राष्ट्रीय लोक अदालत जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय कुमार VII की अध्यक्षता में आयोजित हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और फीता काटकर किया गया।

परिवार न्यायालय और मोटर दुर्घटना मामलों में बड़ी राहत

लोक अदालत में परिवार न्यायालय से जुड़े मामलों का भी तेजी से निस्तारण किया गया।

  • प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुधीर कुमार ने 26 मामलों का निस्तारण करते हुए लगभग 69.75 लाख रुपये की समझौता राशि दिलाई।
  • अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय संजय कुमार-II ने 42 मामलों का निस्तारण किया।

इसी प्रकार मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश सिंह ने 26 मामलों में 22.85 लाख रुपये की प्रतिकर राशि पीड़ित परिवारों को दिलाई।

स्थायी लोक अदालत और अन्य न्यायालयों में भी निस्तारण

स्थायी लोक अदालत की अध्यक्ष किरण बाला ने 4 मामलों का निस्तारण करते हुए 45.25 लाख रुपये की समझौता राशि दिलाई।
वहीं अतिरिक्त न्यायालय के न्यायाधीश सुंदर लाल ने 30 मामलों का निस्तारण कर 94.78 लाख रुपये की समझौता राशि दिलाई।

विभिन्न न्यायालयों ने भी निपटाए हजारों मामले

लोक अदालत में जनपद के विभिन्न न्यायालयों ने भी बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया।

  • मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नरेंद्र कुमार ने 3,284 मामलों का निस्तारण कर 1,07,200 रुपये जुर्माना वसूला।
  • अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम नैंसी धुनिया ने 2,650 मामलों का निस्तारण कर 2,33,500 रुपये जुर्माना वसूला।
  • सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अंशुमन धुनिया ने 8 मामलों में 89.78 लाख रुपये की समझौता राशि दिलाई।

इसके अलावा सिविल जज, अपर सिविल जज और अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी सैकड़ों मामलों का निस्तारण कर जुर्माना और समझौता राशि दिलाई।

प्री-लिटिगेशन स्तर पर भी बड़ी सफलता

राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन स्तर के 57,089 मामलों का निस्तारण किया गया, जिनमें पक्षकारों को 58,65,14,88 रुपये की बड़ी समझौता राशि दिलाई गई।

लोक अदालत से मिलती है त्वरित और सुलभ न्याय व्यवस्था

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। इसमें आपसी सहमति से मामलों का निस्तारण किया जाता है, जिससे अदालतों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है।

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