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बिजनौर में वोटर लिस्ट पर बड़ा एक्शन: SIR को लेकर डीएम सख्त, राजनीतिक दलों को अल्टीमेटम

बिजनौर में वोटर लिस्ट पर बड़ा एक्शन: SIR को लेकर डीएम सख्त, राजनीतिक दलों को अल्टीमेटम

बिजनौर | 30 जनवरी 2026 | डिजिटल न्यूज़ डेस्क
आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को त्रुटिरहित और विवाद-मुक्त बनाने के लिए बिजनौर प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया है—अब कोई भी पात्र मतदाता छूटना नहीं चाहिए। इसी कड़ी में जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

SIR पर प्रशासन की सख्त रणनीति

जिलाधिकारी ने बैठक में बताया कि 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावे और आपत्तियों पर सुनवाई का कार्य जारी है। इस पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्बाध रूप से संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती की गई है और उनके लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं, जहां नियमित रूप से सुनवाई हो रही है।

उन्होंने अधिकारियों और बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिए कि आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य की गति बढ़ाई जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए।

आंकड़े बता रहे हैं SIR की रफ्तार

जिला प्रशासन द्वारा साझा किए गए आंकड़े यह संकेत देते हैं कि SIR प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है—

  • फॉर्म-6 (नए मतदाता): 66,695
  • फॉर्म-7 (नाम विलोपन): 2,384
  • फॉर्म-8 (संशोधन): 28,039

आठों विधानसभा क्षेत्रों से आए ये आंकड़े दर्शाते हैं कि मतदाता सूची को अपडेट करने का अभियान निर्णायक मोड़ पर है।

युवा वोटरों पर विशेष ज़ोर

जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों से अपील की कि 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण कर चुके युवाओं का अधिक से अधिक फॉर्म-6 भरवाया जाए, ताकि लोकतंत्र की मुख्यधारा से कोई भी युवा वंचित न रहे। साथ ही उन्होंने दलों से अपने बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) को सक्रिय कर दावे-आपत्तियों के निस्तारण में सहयोग देने का आग्रह किया।

राजनीतिक दलों की मौजूदगी, सहमति का संकेत

बैठक में प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच समन्वय का संदेश भी सामने आया।
इस मौके पर—
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम वित्त एवं राजस्व वानिया सिंह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी प्रमोद कुमार, भाजपा से धीर सिंह, सपा से अख़लाक़ अहमद उर्फ पप्पू, बसपा से मुहम्मद सिद्दीक और कांग्रेस से क़ाज़ी आतिफ़ मौजूद रहे।

राजनीतिक और प्रशासनिक मायने

चुनावी साल में SIR को लेकर इस तरह की सख्ती यह साफ करती है कि प्रशासन किसी भी तरह के फर्जीवाड़े, चूक या विवाद की संभावना को पहले ही खत्म करना चाहता है। राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी से यह प्रक्रिया न केवल तेज होगी, बल्कि इसकी विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

बिजनौर में चल रहा SIR अभियान अब निर्णायक चरण में है। प्रशासन की सख्ती और राजनीतिक दलों की सहभागिता यह संकेत दे रही है कि इस बार मतदाता सूची को लेकर कोई समझौता नहीं होगा।

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