कोटद्वार बना ‘पंच पावर’ की राजधानी
कण्व नगरी में सजा मुक्कों का महाकुंभ, 8वीं राज्य स्तरीय जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में उभरा देवभूमि का खेल भविष्य

कोटद्वार | स्पोर्ट्स स्पेशल रिपोर्ट
देवभूमि उत्तराखंड की ऐतिहासिक कण्व नगरी कोटद्वार इन दिनों सिर्फ आध्यात्मिक नहीं, बल्कि खेल क्रांति की साक्षी बन रही है। दुर्गापुरी स्थित स्टेडियम में शुरू हुई 8वीं राज्य स्तरीय जूनियर (अंडर-17) बालक-बालिका बॉक्सिंग चैंपियनशिप ने रिंग को रणभूमि और युवा मुक्केबाजों को योद्धा बना दिया है।
तीन दिवसीय इस खेल महोत्सव में राज्य के कोने-कोने से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपने पंच, फुर्ती और फोकस से दर्शकों की धड़कनें बढ़ा रहे हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने फूंका जोश का शंखनाद
“यह रिंग नहीं, उत्तराखंड के भविष्य का निर्माण स्थल है”
प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ उत्तराखंड विधानसभा की प्रथम महिला अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूरी भूषण ने दीप प्रज्वलन कर किया।
बाल भारती व नवयुग पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों तथा विभिन्न जनपदों से आए खिलाड़ियों के शानदार मार्च पास्ट ने माहौल को देशभक्ति और खेल भावना से भर दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा—
“यहीं से निकलेंगे वे नाम, जो कल ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्तराखंड का परचम लहराएंगे।”
पहले दिन ही रिंग में धमाका, 62 मुकाबलों का महासंग्राम
प्रतियोगिता के पहले ही दिन मुक्केबाजों ने यह साफ कर दिया कि यह चैंपियनशिप औपचारिक नहीं, ऐतिहासिक होने वाली है।
13 अलग-अलग भार वर्गों में खेले गए मुकाबलों में तकनीक, ताकत और रणनीति की जबरदस्त टक्कर देखने को मिली।
हाइलाइट्स जिन्होंने बढ़ाया रोमांच
- बालक वर्ग (44-46 किग्रा) में देहरादून ने पिथौरागढ़ को पछाड़कर विजयी आगाज किया।
- बालिका वर्ग में चम्पावत की मुक्केबाज ने पौड़ी को हराकर दमदार शुरुआत की।
- कोटद्वार हॉस्टल के खिलाड़ियों ने घरेलू दर्शकों के सामने नॉकआउट जीत दर्ज कर तालियां बटोरीं।
दिनभर में खेले गए 21 प्री-क्वार्टर फाइनल और 15 क्वार्टर फाइनल मुकाबलों के बाद
👉 देहरादून, कोटद्वार, पिथौरागढ़, पौड़ी, टनकपुर, उधमसिंह नगर और काशीपुर के खिलाड़ी अगले दौर में पहुंच चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों की मौजूदगी से बढ़ा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास
इस बॉक्सिंग महाकुंभ में खेल जगत की नामी हस्तियों और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
पूर्व एशियन सिल्वर और साउथ एशियन गोल्ड मेडलिस्ट कैप्टन देवी चंद, अंतरराष्ट्रीय कोच डीसी भट्ट, अंतरराष्ट्रीय रेफरी देवेंद्र सिंह जीना और जोगेंद्र सिंह बोरा जैसे दिग्गजों की मौजूदगी ने युवा मुक्केबाजों के हौसले को नई ऊंचाई दी।
जिला क्रीड़ा अधिकारी जयवीर रावत और स्टेडियम इंचार्ज श्याम सिंह डांगी के कुशल संयोजन में आयोजन अनुशासन और भव्यता का आदर्श बन गया।
सेमीफाइनल-फाइनल पर टिकी निगाहें, यहीं से चुने जाएंगे चैंपियन
मीडिया प्रभारी शिवम नेगी के अनुसार अगले दो दिन प्रतियोगिता के सबसे रोमांचक होने वाले हैं।
सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों के बाद प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ जूनियर मुक्केबाजों का चयन किया जाएगा, जो भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे।
निष्कर्ष: मुक्कों की गूंज में आकार ले रहा देवभूमि का खेल भविष्य
कोटद्वार में आयोजित यह राज्य स्तरीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड के युवा सपनों की रिंग है।
यहां हर पंच के साथ उम्मीदें उड़ान भर रही हैं और हर जीत के साथ देवभूमि का खेल भविष्य और मजबूत हो रहा है।













