MGNREGA युग समाप्त? गांव-गांव पहुंचा ‘VB-G RAM G Act, 2025’ — रोजगार नीति में ऐतिहासिक बदलाव
बिजनौर की 1123 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं, ग्रामीणों से सीधा संवाद
फोटो CDO रणविजय सिंह बिजनौर
विकसित भारत@2047 की बुनियाद गांव से
विशेष, विश्लेषणात्मक समाचार रिपोर्ट, अवनीश त्यागी
बिजनौर | 27 दिसंबर 2025 ग्रामीण भारत की दशा और दिशा बदलने की तैयारी अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के स्थान पर लागू किए गए “विकसित भारत–रोजगार और आजीविका के लिए गारण्टी मिशन (ग्रामीण) VB-G RAM G Act, 2025” को लेकर बिजनौर जिले में प्रशासनिक स्तर पर अभूतपूर्व जागरूकता अभियान चलाया गया।
मुख्य विकास अधिकारी रण विजय सिंह के नेतृत्व में जिले की 1123 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं और बैठकों का आयोजन कर ग्रामीणों को नए अधिनियम की मंशा, उद्देश्य और संभावनाओं से अवगत कराया गया।
ग्राम सभा बनी संवाद का मंच, भ्रमों पर लगा ब्रेक
सीडीओ रण विजय सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नया अधिनियम सिर्फ रोजगार देने की योजना नहीं, बल्कि आजीविका की स्थायी गारण्टी की ओर एक बड़ा कदम है। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को प्रामाणिक व स्पष्ट जानकारी दी जाए
किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम को तुरंत दूर किया जाए
योजना से जुड़े सभी पक्षों को सीधे संवाद के माध्यम से समझाया जाए
इन बैठकों में ग्रामीणों की शंकाओं का समाधान कर यह भरोसा दिलाया गया कि योजना का उद्देश्य किसी का हक छीनना नहीं, बल्कि अवसरों का दायरा बढ़ाना है।
पोस्टर-बैनर से लेकर पम्पलेट तक: हर गांव में संदेश
प्रशासन ने प्रचार-प्रसार को केवल बैठकों तक सीमित नहीं रखा। जिले भर में:
होर्डिंग्स
बैनर
पोस्टर
पम्पलेट
के माध्यम से VB-G RAM G Act, 2025 का व्यापक प्रचार किया गया, ताकि गांव का हर व्यक्ति यह समझ सके कि बदलती नीति में उसकी भूमिका और अधिकार क्या हैं।
श्रम-रोजगार विभाग की अहम भागीदारी
इस बड़े अभियान को सफल बनाने में उपायुक्त (श्रम एवं रोजगार) / संयुक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक, बिजनौर की सक्रिय भूमिका रही। विभागीय समन्वय और फील्ड-लेवल मॉनिटरिंग ने अभियान को मजबूती दी और संदेश को गांव की चौपाल तक पहुंचाया।
विश्लेषण: क्यों अहम है VB-G RAM G Act, 2025?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह अधिनियम:
दिहाड़ी मजदूरी की सोच से आगे बढ़कर कौशल और उद्यमिता पर केंद्रित है
ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने की क्षमता रखता है
पलायन रोकने और आत्मनिर्भर गांव की अवधारणा को मजबूत करता है
“विकसित भारत@2047” के लक्ष्य को नींव से गति देता है
हालांकि, इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि योजनाएं कितनी पारदर्शिता और ईमानदारी से लागू होती हैं।
निष्कर्ष: गांव से निकलेगी विकसित भारत की राह
बिजनौर में चला यह जागरूकता अभियान संकेत देता है कि प्रशासन रोजगार नीति के इस बड़े बदलाव को लेकर गंभीर है। यदि यही संवाद, निगरानी और संवेदनशीलता बनी रही, तो VB-G RAM G Act, 2025 आने वाले वर्षों में ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल सकता है।