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धूमधाम से हुआ दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयकारों से गूंज उठा पूरा इलाका

प्रतापगढ़ में धूमधाम से हुआ दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन

ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयकारों से गूंज उठा पूरा इलाका

 

प्रतापगढ़शारदीय नवरात्र के समापन अवसर पर शुक्रवार को जिलेभर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक उल्लास के साथ किया गया। भक्तों ने पारंपरिक पूजन-अर्चन और विधि-विधान के बाद शोभायात्रा निकाली, जो ढोल-नगाड़ों, डीजे, बैंड-बाजों और देवी जयकारों से गूंज उठी। पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।

📌 मुख्य आकर्षण

  • बड़े पैमाने पर विसर्जन – बकुलाही नदी और शारदा सहायक नहर के तटों पर दो दर्जन से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
  • भव्य शोभायात्रा – श्रद्धालुओं ने मूर्तियों को पारंपरिक पूजन के बाद डीजे, ढोल-नगाड़ों व जयकारों के साथ यात्रा निकालकर विसर्जन स्थल तक पहुँचाया।
  • भक्तों की अपार भीड़ – मानधाता, सराय हरिनारायण, धनीपुर, गाजीपुर, बुआपुर पनियारी, सहिजनपुर, मदईपुर तरौल, शोभीपुर, धरमपुर, पीपरपुर, खमपुर, कुल्हीपुर, गुडरु, छितपालगढ़, मल्हूपुर, देल्हूपुर, कलानी, तौंकलपुर, भिखनापुर सहित आस-पास के गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु विसर्जन में शामिल हुए।
  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम – विसर्जन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
  • शांति व सौहार्द का संदेश – एसओ अरविन्द कुमार सिंह और राधे बाबू ने बताया कि सभी मूर्तियों का विसर्जन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ।

 भक्ति और आस्था का संगम

नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना करने के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन भक्ति, आस्था और उल्लास का प्रतीक बन गया। शोभायात्रा में शामिल भक्त माता रानी के जयकारों से गगनभेदी वातावरण बना रहे थे।

निष्कर्ष

प्रतापगढ़ में हुआ दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन न सिर्फ आस्था का प्रतीक रहा बल्कि सामाजिक एकजुटता और शांति का भी संदेश देता दिखा। हजारों की संख्या में भक्तों की मौजूदगी ने आयोजन को भव्य बना दिया। प्रशासन की सक्रियता और श्रद्धालुओं के उत्साह ने इस धार्मिक आयोजन को सफल और यादगार बना दिया।

👉 रिपोर्ट: अद्वैत दशरथ तिवारी

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