Target Tv Live

8वें वेतन आयोग पर भड़के पेंशनर! बिजनौर में बड़ी बैठक, 21 अप्रैल को देशभर में आंदोलन का ऐलान

8वां वेतन आयोग और वित्त विधेयक 2025 पर भड़के पेंशनर: बिजनौर में बड़ी बैठक, 21 अप्रैल को देशव्यापी आंदोलन की तैयारी

बिजनौर | डिजिटल डेस्क

जनपद बिजनौर में सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनरों ने केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर असंतोष जताते हुए बड़े आंदोलन की तैयारी का ऐलान कर दिया है। बुधवार (11 मार्च 2026) को सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन, जनपद शाखा बिजनौर की मासिक बैठक सिविल लाइन स्थित पुराने महिला चिकित्सालय परिसर में आयोजित की गई, जिसमें पेंशनरों के अधिकारों और आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष शिव ध्यान सिंह ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री योगेश्वर ने किया। बैठक में बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लेते हुए संगठन को मजबूत करने और पेंशन संबंधी लंबित मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।

पेंशनरों ने उठाए बड़े सवाल

बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि आठवें वेतन आयोग में पुराने पेंशनरों के पेंशन पुनरीक्षण का प्रस्ताव न भेजना और वित्त विधेयक 2025 में जन्म तिथि के आधार पर पेंशन में विभेद करना पेंशनरों के साथ अन्याय है।

इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशन फेडरेशन ने भी देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है। इसी क्रम में 21 अप्रैल 2026 को पूरे देश में एक दिवसीय आंदोलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

प्रधानमंत्री को भेजी जाएगी हस्ताक्षर याचिका

बैठक में यह भी तय किया गया कि पेंशनरों की मांगों को सीधे केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री के नाम हस्ताक्षर याचिका अभियान चलाया जाएगा।

  • अभियान की शुरुआत 11 मार्च 2026 से कर दी गई है।
  • पहली खेप 21 अप्रैल से पहले प्रधानमंत्री को भेजी जाएगी
  • प्रत्येक जिले से कम से कम 100 पेंशनरों के हस्ताक्षर एकत्र किए जाएंगे।
  • प्रत्येक हस्ताक्षरकर्ता से ₹10 का सहयोग लेकर राशि प्रांतीय कोष में भेजी जाएगी।

पेंशनरों की प्रमुख मांगें

बैठक में पेंशनरों ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • पुराने पेंशनरों को 8वें वेतन आयोग के दायरे में लाया जाए
  • वित्त विधेयक 2025 में तिथि आधारित विभेद समाप्त किया जाए
  • कर्मचारियों, पेंशनरों और शिक्षकों के लिए अलग सीपी (केंद्रीय पेंशन व्यवस्था) बनाई जाए
  • पेंशन से होने वाली रिकवरी 10 वर्ष में बंद की जाए
  • 65 वर्ष के बाद हर 5 वर्ष में 5% पेंशन वृद्धि लागू की जाए
  • पेंशनरों को आयकर से मुक्त रखा जाए
  • कोरोना काल के 18 माह के महंगाई भत्ता एरियर का भुगतान किया जाए
  • वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराए में 50% छूट दी जाए
  • आयुष्मान भारत में कैशलेस इलाज की सीमा 10 लाख रुपये की जाए
  • महंगाई भत्ता 50% पार होने पर उसे मूल पेंशन में मर्ज किया जाए

21 अप्रैल को धरना, संख्या बल दिखाने का आह्वान

बैठक के अंत में जिला अध्यक्ष शिव ध्यान सिंह ने सभी पेंशनरों से 21 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित एक दिवसीय धरने में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत उसकी संख्या में होती है, इसलिए यदि पेंशनरों को अपने अधिकार प्राप्त करने हैं तो उन्हें एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेना होगा।

बैठक में इन सदस्यों ने रखे विचार

बैठक में बलजीत सिंह, हरवीर सिंह, महेंद्र सिंह, शूरवीर सिंह, वीरेंद्र पाल, रियाज अहमद, अमन सिंह, डॉ. ब्रजवीर सिंह, जयपाल सिंह, राजेंद्र कुमार, विजय पाल, गजेंद्र सिंह, नरेश कुमार, राजकुमार अग्रवाल, नरेश कुमार वर्मा, एस.के. मिश्रा (संप्रेक्षक) और बलवीर सिंह (संरक्षक) सहित कई वरिष्ठ पेंशनरों ने अपने विचार रखे।

विश्लेषण: क्यों बढ़ रहा पेंशनरों का असंतोष?

विशेषज्ञों के अनुसार, महंगाई, स्वास्थ्य खर्च और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के कारण देशभर में पेंशनरों के बीच असंतोष बढ़ रहा है।

यदि केंद्र सरकार जल्द इस पर स्पष्ट नीति नहीं बनाती, तो 21 अप्रैल का प्रस्तावित आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा रूप ले सकता है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ने की संभावना है।

#Hashtags
#BijnorNews
#PensionersProtest
#8thPayCommission
#PensionNews
#SeniorCitizens
#FinanceBill2025
#PensionRevision
#UPNews
#BreakingNews
#DigitalNewsIndia

Leave a Comment

यह भी पढ़ें