6 साल से मकान पर कब्जे का आरोप: अफजलगढ़ के भाजपा कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, 15 लाख रुपये और झूठे मुकदमे से राहत की मांग

बिजनौर के अफजलगढ़ निवासी भाजपा कार्यकर्ता हाजी रिजवान कुरैशी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत कर आरोप लगाया कि उनके मकान पर अवैध कब्जा है और उन पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। 6 साल से न्याय के लिए भटकने का दावा।

बिजनौर/अफजलगढ़। न्यूज डिजीटल डेस्क
जनपद बिजनौर के अफजलगढ़ कस्बे के निवासी और भाजपा कार्यकर्ता हाजी रिजवान कुरैशी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर अपने मकान पर कथित अवैध कब्जे और झूठे मुकदमे से राहत दिलाने की मांग की है। उनका आरोप है कि पिछले करीब 6 वर्षों से वह न्याय के लिए शासन-प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
प्रार्थी का कहना है कि शाहिस्ता परवीन पत्नी जावेद आलम निवासी मोहल्ला बेगम सराय, अफजलगढ़ ने 26 अगस्त 2022 को थाना अफजलगढ़ में उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मुकदमे को उन्होंने पुलिस को गुमराह करके दर्ज कराने का आरोप लगाया है।
15 लाख रुपये के लेनदेन और मकान कब्जे का आरोप
हाजी रिजवान कुरैशी का कहना है कि उन्होंने काशीपुर तहसील क्षेत्र में स्थित जमीन का सौदा कर करीब 15 लाख रुपये प्राप्त किए थे, लेकिन आरोप है कि संबंधित पक्ष ने न तो पैसा वापस किया और न ही विवाद का समाधान किया। उनका दावा है कि मकान पर कब्जा करने की नीयत से ही उनके खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 233/2022 धारा 384 दर्ज कराया गया।
प्रार्थी ने यह भी कहा कि उनके मकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराई जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आरोप निराधार हैं।
बार-बार 107/116 की कार्रवाई का भी आरोप
रिजवान कुरैशी का आरोप है कि मामले में बार-बार धारा 107/116 के तहत कार्रवाई की जा रही है, जबकि वह अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं। उनका कहना है कि पहले भी उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद यह कार्रवाई निरस्त हो चुकी थी।
अधिकारियों की जांच के बाद भी नहीं हुआ समाधान
प्रार्थी के अनुसार इस मामले में कई बार प्रशासनिक स्तर पर जांच भी हुई।
उन्होंने दावा किया कि—
- पूर्व पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सीओ अफजलगढ़ ने मौके पर जांच की थी।
- अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी ने भी प्रकरण की समीक्षा की थी।
- जिलाधिकारी बिजनौर द्वारा उपजिलाधिकारी और तहसीलदार धामपुर को जांच सौंपी गई थी।
प्रार्थी का कहना है कि कई अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मकान खाली कराया जाएगा, लेकिन अधिकारी स्थानांतरण होने के कारण मामला अधर में लटकता रहा।
भूमाफिया एक्ट में कार्रवाई की मांग
रिजवान कुरैशी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि—
- मुकदमा अपराध संख्या 233/2022 को निरस्त किया जाए
- शाहिस्ता परवीन व जावेद आलम के खिलाफ धारा 182 के तहत झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का मुकदमा दर्ज किया जाए
- मकान को कब्जा मुक्त कराया जाए
- भूमाफिया एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए
- उनके 15 लाख रुपये वापस दिलाए जाएं
भाजपा से जुड़े होने का भी उल्लेख
प्रार्थी ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि वह 1995 से भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और पार्टी के लिए क्षेत्र में कार्य करते रहे हैं। उन्होंने अपनी भाजपा सदस्यता संख्या भी पत्र में दर्ज कराते हुए कहा कि वह लंबे समय से संगठन से जुड़े हैं।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भी भेजी प्रतिलिपि
रिजवान कुरैशी ने बताया कि उन्होंने अपनी शिकायत की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, पुलिस महानिदेशक, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित कई उच्च अधिकारियों को भी भेजी है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि शिकायत पर जांच होती है तो ही आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।
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