आबकारी मंत्री की समीक्षा बैठक में बिजनौर पर खास फोकस, जिला आबकारी अधिकारी की कार्रवाई की होगी जांच

रिपोर्ट। डिजीटल न्यूज डेस्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने शनिवार को लखनऊ के डालीबाग स्थित गन्ना संस्थान में विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। समीक्षा बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा बिजनौर जनपद को लेकर रही, जहां मदिरा उद्योग के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर मंत्री ने गंभीर नाराजगी जताई।
मंत्री ने बिजनौर के जिला आबकारी अधिकारी के कार्यों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी औद्योगिक इकाई के संचालन में अनावश्यक हस्तक्षेप या गैर जिम्मेदारीपूर्ण कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिजनौर की घटना पर सरकार सख्त
बैठक के दौरान यह मुद्दा सामने आया कि बिजनौर में मदिरा इंडस्ट्री के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर शिकायतें मिली हैं। इस पर मंत्री नितिन अग्रवाल ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए और कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा नियमों से हटकर कार्रवाई की गई है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि उद्योगों के साथ पारदर्शी और संतुलित रवैया बनाए रखना जरूरी है, ताकि राजस्व और उद्योग दोनों प्रभावित न हों।
कम राजस्व वाले जिलों में बिजनौर भी शामिल
समीक्षा बैठक में पिछले एक वर्ष में अपेक्षाकृत कम राजस्व वसूली वाले 10 जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए गए। इनमें—
- कानपुर नगर
- आगरा
- मेरठ
- बिजनौर
- लखनऊ
- बुलंदशहर
- हाथरस
- मुरादाबाद
- अलीगढ़
- बरेली
शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि इन जिलों में राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति बनाई जाए।
अवैध शराब पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में—
- पड़ोसी राज्यों से आने वाली अवैध शराब
- कच्ची शराब
- मिलावटी शराब
- चोरी की शराब
पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। इसके लिए जिलों की प्रवर्तन टीमों को सक्रिय रखते हुए लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
63,000 करोड़ का लक्ष्य, फरवरी तक 50,585 करोड़ वसूली
आबकारी मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग के लिए 63,000 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
फरवरी 2026 तक की उपलब्धि
- कुल राजस्व प्राप्ति: 50,585 करोड़ रुपये
- पिछले वर्ष फरवरी तक राजस्व: 42,828.57 करोड़ रुपये
- वृद्धि: 7,756.36 करोड़ रुपये (118.11%)
फरवरी माह का प्रदर्शन
- फरवरी 2026: 6,635.79 करोड़ रुपये
- फरवरी 2025: 4,928.22 करोड़ रुपये
- वृद्धि: 1,707.57 करोड़ रुपये (134.65%)
फरवरी में बड़ी कार्रवाई
प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ अभियान के दौरान फरवरी माह में—
- 2,76,438 लीटर अवैध शराब जब्त
- अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
की गई।
“यूपी का आबकारी विभाग देश के लिए रोल मॉडल”
मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप सभी अधिकारी पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि वैट और जीएसटी के बाद सबसे अधिक राजस्व आबकारी विभाग से प्राप्त होता है और पिछले आठ वर्षों में विभाग की कार्यप्रणाली में काफी सुधार आया है।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश का आबकारी विभाग आज पूरे देश में अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बन चुका है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में प्रमुख रूप से—
- अपर मुख्य सचिव आबकारी वीना कुमारी मीणा
- आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह
- विशेष सचिव अभिषेक आनंद
सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी जिलों के आबकारी अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
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