Bijnor Crime: नशीली चाय पिलाकर दामाद ने 40 किलो चांदी और 900 ग्राम सोना चुराया, 4 गिरफ्तार
बिजनौर | 28 फरवरी 2026। डिजीटल न्यूज डेस्क
रिश्तों की आड़ में रची गई एक सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश हुआ है। ससुराल में रह रहे दामाद ने ही अपने भाई और साथियों के साथ मिलकर करोड़ों के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। परिवार को नशीली गोलियां देकर बेहोश किया गया और फिर सोना-चांदी समेटकर फरार हो गए। पुलिस ने स्वाट व सर्विलांस टीम की मदद से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी बरामदगी की है।
कैसे रचा गया ‘इनसाइड जॉब’?
सूत्रों के अनुसार आरोपी नवीन चौहान अक्टूबर 2024 से ससुराल में घर-जमाई के रूप में रह रहा था और ज्वेलरी कारोबार की बारीकियां सीख रहा था। उसे अलमारी, चाबी और जेवरात की सटीक जानकारी थी।
संपत्ति अन्य रिश्तेदारों के नाम किए जाने की चर्चा से नाराज होकर उसने अपने भाई कुनाल और मित्र शिवम चौहान के साथ मिलकर साजिश रची।
साजिश के मुख्य कदम:
- बाजार से ATIVAN 2 Mg नशीली गोलियां खरीदीं
- 25 फरवरी की शाम चाय में मिलाकर सास, ससुर और पत्नी को पिला दी
- बेहोशी की हालत में अलमारी से जेवरात निकाले
- मोटरसाइकिल से फरार
कितनी बड़ी थी चोरी?
पीड़ित परिवार के अनुसार घर से चोरी हुए:
- लगभग 900 ग्राम सोने के जेवरात
- करीब 40 किलोग्राम चांदी के जेवरात
यह वारदात स्थानीय स्तर पर अब तक की बड़ी घरेलू चोरी में गिनी जा रही है।
23.5 किलो चांदी का 23 लाख में डील!
चोरी के अगले ही दिन आरोपियों ने चांदी को गलवाकर सिल्ली में बदल दिया और नूरपुर क्षेत्र के एक ज्वेलर से संपर्क किया।
- 23.5 किलो चांदी का सौदा करीब 23 लाख रुपये में तय
- अग्रिम में ₹5,30,000 नकद
- 50 ग्राम सोने का बिस्किट
- 10 ग्राम सोने का सिक्का
बाकी रकम बाद में देने की बात तय हुई थी।
पुलिस की सटीक घेराबंदी, ऐसे पकड़े गए आरोपी
28 फरवरी को मुखबिर की सूचना पर थाना नहटौर पुलिस ने स्वाट और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर ग्राम बेगापुर अड्डा के पास घेराबंदी की।
गिरफ्तार आरोपी:
- नवीन चौहान (मुख्य आरोपी)
- कुनाल
- शिवम चौहान
- शिवम सेनी (ज्वेलर)
बड़ी बरामदगी
- 2.173 किलोग्राम सोने के जेवरात
- 23.5 किलोग्राम चांदी (सिल्ली के रूप में)
- ₹2,80,000 नकद
- ₹2,50,000 की बैंक डिपॉजिट पर्चियां
- 50 ग्राम सोने का बिस्किट
- 10 ग्राम सोने का सिक्का
- 04 नशीली गोलियां (ATIVAN 2 Mg)
- घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल
विश्लेषण: भरोसे की आड़ में योजनाबद्ध आर्थिक अपराध
यह मामला केवल चोरी नहीं, बल्कि सुनियोजित ‘इनसाइड जॉब’ का उदाहरण है। आरोपी ने:
- पारिवारिक विश्वास का दुरुपयोग किया
- व्यवसायिक जानकारी का फायदा उठाया
- नशीले पदार्थ का इस्तेमाल कर अपराध को अंजाम दिया
- चोरी के माल को तुरंत खपाने की पेशेवर कोशिश की
यह घटना बताती है कि पारिवारिक व्यापार में भी सुरक्षा प्रोटोकॉल, सीसीटीवी और दस्तावेजी नियंत्रण कितना जरूरी है।
कानूनी पहलू
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। नशीला पदार्थ देकर चोरी करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें कठोर सजा का प्रावधान है।
समाज के लिए सबक
रिश्तों की आड़ में की गई इस साजिश ने क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। आर्थिक विवाद जब लालच में बदलते हैं तो परिवार भी अपराध का मैदान बन सकता है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अधिकांश माल बरामद हो गया, लेकिन यह मामला भरोसे और सुरक्षा के संतुलन पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
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