होली से पहले बिजनौर में मिलावट पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: खोया-पनीर-सरसों तेल समेत 10 सैंपल लैब भेजे, रिपोर्ट आते ही होगी कड़ी कार्रवाई
नगीना-नजीबाबाद में ताबड़तोड़ छापेमारी; गुजिया और दही तक की जांच, प्रशासन का साफ संदेश—“सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
रिपोर्ट।अवनीश त्यागी
बिजनौर। होली के मद्देनज़र शुद्ध खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बिजनौर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने विशेष अभियान चलाकर बाजारों में कड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देशन में टीम ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खोया, पनीर और सरसों के तेल सहित कुल 10 नमूने संग्रहित किए और रासायनिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिए।
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में जरा-सी भी गड़बड़ी मिलने पर कठोर विधिक कार्रवाई—जुर्माना, लाइसेंस निलंबन/निरस्तीकरण और अभियोजन—की जाएगी।
कहां से क्या-क्या भरा गया? पूरी सूची देखें
निरीक्षण के दौरान नगीना और नजीबाबाद क्षेत्रों में सघन चेकिंग की गई।
- खोया – 02 नमूने
- पनीर – 02 नमूने
- सरसों का तेल – 02 नमूने
- साबूदाना – 01 नमूना
- तिल का तेल – 01 नमूना
- गुजिया – 01 नमूना
- दही – 01 नमूना
त्योहार में सबसे अधिक खपत वाले उत्पादों को प्राथमिकता देकर सैंपलिंग की गई, ताकि सप्लाई चेन में किसी भी स्तर पर मिलावट की आशंका पर रोक लगाई जा सके।
क्यों जरूरी है यह सख्ती? (गहराई से विश्लेषण)
होली के दौरान मिठाइयों और तले खाद्य पदार्थों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में कुछ असामाजिक तत्व—
- सस्ता या सिंथेटिक खोया,
- नकली/स्टार्च मिश्रित पनीर,
- बार-बार इस्तेमाल किया हुआ या मिलावटी तेल,
का उपयोग कर मुनाफाखोरी करते हैं। इससे फूड पॉइजनिंग, लीवर-किडनी पर असर, एलर्जी, गैस्ट्रो एंटेराइटिस जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, दोबारा गर्म किए गए तेल में ट्रांस-फैट और हानिकारक यौगिक बढ़ जाते हैं, जो लंबे समय में हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। ऐसे में समय रहते सख्ती, जनस्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
टीम में कौन रहे शामिल?
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनुपम यादव, डी.के. वर्मा, शंभू दयाल और नरेश कुमार ने अभियान को अंजाम दिया। टीम ने दुकानदारों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह (खरीदारी से पहले पढ़ें)
- अत्यधिक चमकीली/गहरे रंग की मिठाइयों से बचें
- एल्युमिनियम वर्क की शुद्धता परखें
- दुकान की साफ-सफाई और हाइजीन रेटिंग पूछें
- पैक्ड उत्पाद पर एक्सपायरी/बेस्ट बिफोर अवश्य देखें
- शक होने पर बिल लें और शिकायत दर्ज करें
व्यापारियों को चेतावनी
- स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करें
- तेल को बार-बार तलने में इस्तेमाल न करें
- खाद्य पदार्थों को अखबारी कागज में न रखें
- मिलावटी खोया/घटिया कच्चे माल का उपयोग न करें
- कूड़ेदान और अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था रखें
आगे क्या?
सभी नमूने लैब में परीक्षणाधीन हैं। रिपोर्ट आते ही दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान होली तक लगातार जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर दायरा बढ़ाया जाएगा।
त्योहार की खुशियों में मिलावट का रंग न घुले—इसी उद्देश्य से की जा रही यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
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