एग्रीस्टैक अभियान को रफ्तार
बिजनौर में 11 प्रचार वाहन रवाना, दूर-दराज तक किसानों को मिलेगा योजनाओं का फायदाफार्मर रजिस्ट्री, पराली प्रबंधन, सोलर पंप व रबी सीजन तकनीक पर फोकस – जिला प्रशासन ने शुरू किया विशेष जागरूकता अभियान
बिजनौर | 28 नवंबर 2025
केंद्र सरकार के एग्रीस्टैक योजनान्तर्गत किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और कृषि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से बिजनौर प्रशासन ने आज एक बड़ा कदम उठाया। मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप चौधरी व जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कलेक्ट्रेट परिसर से 11 विशेष प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जनपद के सभी विकास खंड, न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत और राजस्व ग्रामों में जागरूकता का संदेश फैलाएंगे।
क्या है उद्देश्य?
यह विशेष अभियान किसानों को विभिन्न महत्वपूर्ण पहलों की विस्तृत जानकारी देने के लिए तैयार किया गया है:
- फार्मर रजिस्ट्री—कृषि योजनाओं का डिजिटल प्रवेश द्वार
- पराली प्रबंधन—पर्यावरण संरक्षण और खेत की उर्वरता पर जोर
- सोलर पंप स्थापना—ऊर्जा संकट से राहत और लागत में कमी
- रबी सीजन की आधुनिक तकनीकी गतिविधियाँ—उत्पादकता बढ़ाने पर फोकस
जिला पंचायत अध्यक्ष ने किसानों से अपील की कि वे अपनी फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं, क्योंकि इसके आधार पर सरकार की अनेक योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचता है।
जिलाधिकारी ने क्या कहा?
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा है कि योजना का लाभ बिना किसी बाधा के हर किसान तक पहुंचे।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रचार वाहन—
✔️ दूर-दराज के गांवों तक जाएं
✔️ फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता समझाएं
✔️ कृषि विभाग की योजनाओं की वास्तविक जानकारी किसानों तक पहुंचाएं
उनका कहना था कि “फार्मर रजिस्ट्री कृषि योजनाओं का आधार है। इसके माध्यम से किसानों को सरकार संचालित योजनाओं से अधिकतम लाभ सुनिश्चित कराया जा सकेगा।”
कार्यक्रम में कौन रहे उपस्थित?
इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी और प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
- डा० घनश्याम वर्मा, उप कृषि निदेशक
- जसवीर सिंह तेवतिया, जिला कृषि अधिकारी
- संजीव मलिक, सदस्य जिला पंचायत
- कृषि विभाग के अन्य कर्मचारी
कैसे करेगा बदलाव?
इस अभियान का मकसद सिर्फ सूचना देना नहीं, बल्कि किसान समुदाय में तकनीक और योजनाओं के प्रति विश्वास पैदा करना है।
विशेष वाहनों द्वारा—
🌾 ऑडियो-विजुअल संदेश
🌾 योजनाओं की सूची
🌾 प्रक्रियाओं की जानकारी
🌾 स्थानीय भाषा में संचार
के माध्यम से खेत-खलिहान तक जागरूकता पहुंचाई जाएगी।
निष्कर्ष
बिजनौर प्रशासन की यह पहल न केवल किसानों को योजनाओं से जोड़ने की दिशा में बड़ी कदम है, बल्कि एग्रीस्टैक के माध्यम से कृषि का डिजिटलीकरण भी तेज करेगी।
यदि यह अभियान सफल रहा, तो बिजनौर प्रदेश के उन जिलों में शामिल हो सकता है, जहां किसान सर्वाधिक संख्या में डिजिटल रजिस्ट्री से जुड़े होंगे और योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से उठा सकेंगें।











