DM जसजीत कौर की बड़ी कार्रवाई वाली बैठक: इम्यूनाइजेशन, अल्ट्रासाउंड सेंटर और स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्ती — पूरे जिले को दिया अल्टीमेटम

जिला स्वास्थ्य समिति की हाई-लेवल मीटिंग में लिए गए कई कड़े फैसले, गांव स्तर तक सुधरेगी स्वास्थ्य व्यवस्था
बिजनौर, 14 नवम्बर 2025।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी जसजीत कौर ने शुक्रवार शाम 03:30 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सख्त रुख अपनाते हुए कई अहम निर्देश जारी किए। यह बैठक इम्यूनाइजेशन, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की वास्तविक समीक्षा को लेकर बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
1. इम्यूनाइजेशन पर अल्टीमेटम — “कोई भी गांव टीकाकरण से वंचित न रहे”
डीएम कौर ने सीधे शब्दों में कहा कि ग्रामवार टीकाकरण कैंपों का रोस्टर तैयार किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी गांव छूटने न पाए।
उन्होंने चेतावनी दी—
“निरीक्षण में यदि कोई गांव टीकाकरण से वंचित मिला, तो संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई निश्चित है।”
U-WIN प्लेटफॉर्म पर महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण डेटा की सही फीडिंग कराने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए।
2. अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर बड़ी सख्ती — मजिस्ट्रेट के साथ होगी छापेमारी
जिलाधिकारी ने सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के औचक निरीक्षण के आदेश दिए।
उन्होंने कहा कि—
- निरीक्षण टीम में मजिस्ट्रेट की अनिवार्य भागीदारी हो।
- नियमों का उल्लंघन मिला तो तुरंत कार्रवाई की जाए।
- गंभीर अनियमितता मिलने पर केंद्र सील किया जाए।
यह कदम जिले में अवैध गतिविधियों और भ्रूण लिंग परीक्षण जैसी संवेदनशील समस्याओं पर नकेल कसने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
3. स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी: डीएम का सख्त संदेश
डीएम कौर ने साफ कहा कि स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य बेहतर सेवाएं जनता तक पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ पहुंचाना है।
उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि इस जिम्मेदारी में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
4. बच्चों और गर्भवती महिलाओं का रूटीन टीकाकरण—कुपोषण की नियमित जांच
बैठक में रूटीन टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य, बच्चों में कुपोषण की स्थिति और वीएचएनडी सत्रों पर भी गंभीर चर्चा हुई।
एमओआईसी को निर्देशित किया गया कि—
- जहां कमी दिख रही है, तुरंत सुधार कराया जाए।
- ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकत्रियों (आशा/एएनएम) के कार्यों की अनिवार्य समीक्षा हो।
5. जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान कार्ड और दवाओं की उपलब्धता पर समीक्षा
डीएम ने निम्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की—
- जननी सुरक्षा योजना में भुगतान
- आशा कार्यकत्रियों का भुगतान
- आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड निर्माण
- सभी अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता
- एंटी स्नेक और एंटी रैबीज इंजेक्शन की उपलब्धता
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत चल रहे अभियानों की कार्यप्रणाली
उन्होंने कहा कि सभी सेवाएं पूरी गुणवत्ता के साथ मानक के अनुरूप लागू की जाएं।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी.आर. सिंह, महिला अस्पताल की प्रभारी डॉ. प्रभा रानी, सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं एमओआईसी शामिल रहे।
✔️ निष्कर्ष
डीएम जसजीत कौर की यह बैठक स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। खासकर इम्यूनाइजेशन, अल्ट्रासाउंड सेंटरों की निगरानी और ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए लिए गए निर्णयों से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है।











