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भारत का मेटल मिशन: रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने किया टाइटेनियम-सुपर एलॉय प्लांट का शुभारंभ

भारत का मेटल मिशन: रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने किया टाइटेनियम-सुपर एलॉय प्लांट का शुभारंभ
लखनऊ से आत्मनिर्भर भारत की नई उड़ान, ‘डिजाइन-डेवलप-डिलीवर इन इंडिया’ के युग में प्रवेश
उत्तर प्रदेश बना ‘स्ट्रैटेजिक मटेरियल्स’ का हब

लखनऊ के सरोजनीनगर स्थित पीटीसी इंडस्ट्रीज में देश का पहला टाइटेनियम और सुपर एलॉय मटेरियल्स प्लांट अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से इसका लोकार्पण किया।

यह प्लांट न केवल डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि यह भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल करेगा जो क्रिटिकल डिफेंस और एयरोस्पेस मटेरियल्स खुद तैयार करते हैं।

“मेक इन इंडिया से आगे — अब ‘डिजाइन, डेवलप, डिलीवर इन इंडिया’ का युग”: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री ने कहा —

“यह सिर्फ एक प्लांट नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के विजन का जीवंत उदाहरण है। आज भारत टेक्नोलॉजी के साथ-साथ मटेरियल्स साइंस में भी स्वावलंबी बन रहा है।”

  • अब फाइटर जेट्स, मिसाइल्स, सैटेलाइट में लगने वाले पार्ट्स भारत में ही बनेंगे।
  • रेयर अर्थ मटेरियल्स की रिफाइनिंग और एलॉय प्रोडक्शन में भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा।
  • आने वाले वर्षों में भारत डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनेगा।
  • सरकार और प्राइवेट सेक्टर मिलकर अब ‘डिफेंस रिसर्च एंड इनोवेशन मूवमेंट’ चला रहे हैं।

“टेक्नोलॉजी पावर है, लेकिन मटेरियल असली स्ट्रेंथ है”

राजनाथ सिंह ने कहा कि डिफेंस प्रोडक्शन में सफलता सिर्फ टेक्नोलॉजी से नहीं, बल्कि मटेरियल साइंस से मिलती है।
सेमीकंडक्टर चिप, बुलेट प्रोटेक्शन मटेरियल, इंजन टर्बाइन पार्ट्स जैसी सामग्रियां इन्हीं सुपर एलॉयज पर निर्भर हैं।

उन्होंने कहा —

“आज यूपी ‘इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन’ को लीड कर रहा है, और इसके पीछे मुख्यमंत्री योगी का मजबूत नेतृत्व है।”

योगी आदित्यनाथ: “आत्मनिर्भर भारत अब सोच नहीं, एक हकीकत है”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा —

“भारत अब न सिर्फ अपनी रक्षा जरूरतें पूरी कर रहा, बल्कि मित्र देशों की सुरक्षा जरूरतों में भी सहयोगी बन रहा है।”

🔹 मुख्य बिंदु:

  • भारत अब एयरो इंजन और एडवांस प्रोपल्शन सिस्टम भी खुद बनाएगा।
  • स्ट्रैटेजिक मटेरियल्स से लेकर रेडी-टू-फिट कम्पोनेंट्स तक पूरी सप्लाई चेन देश में ही विकसित होगी।
  • पीटीसी इंडस्ट्रीज ने 50 एकड़ में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
  • युवाओं को नौकरी और रोजगार के बड़े अवसर मिल रहे हैं।
  • यह प्लांट ‘ब्रेन ड्रेन’ की समस्या के समाधान का भी प्रतीक है।

उत्तर प्रदेश: देश का नया ग्रोथ इंजन

  • राज्य के सभी छह डिफेंस इंडस्ट्रियल नोड्स सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
  • पर्याप्त भूमि बैंक और आईआईटी-एकेटीयू जैसे संस्थानों का समर्थन।
  • लॉ एंड ऑर्डर में सुधार और इंडस्ट्री-फ्रेंडली नीतियों से निवेशकों में विश्वास।
  • अब यूपी सिर्फ ‘मैन्युफैक्चरिंग बेस’ नहीं, बल्कि ‘डिजाइन हब’ भी बन रहा है।

पीटीसी इंडस्ट्रीज की खासियतें

  • 50 एकड़ में फैला स्ट्रैटेजिक मटेरियल टेक्नोलॉजी कॉम्प्लेक्स
  • निवेश राशि: ₹1,000 करोड़
  • प्रमुख सुविधाएं:
    • प्रेसिजन मशीन फैसिलिटी
    • प्रोपल्शन सिस्टम इंटीग्रेशन यूनिट
    • सस्टेनेबल ग्रोथ और ग्रीन टेक्नोलॉजी का संगम
  • यह कॉम्प्लेक्स भारत के डिफेंस एवं एयरोस्पेस सेक्टर के लिए आत्मनिर्भरता का स्तंभ साबित होगा।

ग्लोबल स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अब डिफेंस एक्सपोर्टर के रूप में उभर रहा है —

“पहले हम रक्षा उपकरणों के आयातक थे, अब हम अपने मित्र देशों को भी आपूर्ति कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आत्मनिर्भरता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में बड़ा कदम है।

कार्यक्रम में उपस्थित रहे प्रमुख व्यक्ति

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
  • उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक
  • औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’
  • सांसद संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल
  • डीआरडीओ सचिव डॉ. समीर वी. कामत,
    ब्रह्मोस एयरोस्पेस डीजी डॉ. जयतीर्थ जोशी,
    सलाहकार अवनीश अवस्थी,
    पीटीसी चेयरमैन सचिन अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश अब केवल डिफेंस कॉरिडोर का हिस्सा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का धड़कता हुआ ‘टेक्नोलॉजी हार्ट’ बन चुका है।
लखनऊ का यह प्लांट भारत की वैज्ञानिक क्षमता, औद्योगिक दृष्टि और राष्ट्रीय संकल्प — तीनों का संगम है।

“यह भारत की उड़ान है — टाइटेनियम के पंखों से, आत्मनिर्भरता के आसमान में।” 

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