जिला अस्पताल में मनाया गया कन्या जन्मोत्सव: मिशन शक्ति 5.0 के तहत माताओं को दी गई बेबी किट और केक
DM जसजीत कौर के निर्देशन में महिलाओं को जागरूक किया गया, बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने का संदेश दिया गया
स्थान: बिजनौर
तारीख: 08 अक्टूबर, 2025
रिपोर्ट : अवनीश त्यागी
कार्यक्रम का संक्षिप्त परिचय
महिला सशक्तिकरण और लिंग समानता को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत आज जिला अस्पताल बिजनौर में विशेष कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिलाधिकारी जसजीत कौर के निर्देशानुसार महिला कल्याण विभाग, हब फॉर इंपावरमेंट ऑफ वूमेन टीम और वन स्टॉप सेंटर टीम ने नवजात बालिकाओं की माताओं का स्वागत किया, उन्हें केक काटकर बधाई दी, और बेबी किट वितरित की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बेटी के जन्म को सम्मान और खुशी से जोड़ना और परिवारों में लिंग समानता की भावना को मजबूत करना था।
कार्यक्रम की मुख्य गतिविधियाँ

- नवजात बालिकाओं की माताओं को केक और बेबी किट देकर सम्मानित किया गया।
- डीएमसी रविता राठी ने कहा:
“बेटी और बेटा समान हैं। किसी भी प्रकार का भेदभाव समाज की प्रगति में बाधा डालता है। बेटियों को समान अवसर और सुविधाएं मिलें, तभी उनका भविष्य उज्ज्वल होगा।”
- महिलाओं को जागरूक किया गया कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएँ।
- विभागीय टीमों ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की जानकारी विस्तार से दी।
- महिलाओं और परिवारों को सुरक्षा और सहायता हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराए गए:
- ☎️ 1090 – वूमेन पावर लाइन
- ☎️ 181 – महिला हेल्पलाइन
- ☎️ 1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
- ☎️ 1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
कार्यक्रम का सामाजिक संदेश
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रतीकात्मक नहीं था, बल्कि सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाना भी था।
- कन्या जन्मोत्सव का आयोजन यह संदेश देता है कि “बेटी जन्म पर उत्सव का पात्र है, अपमान का नहीं।”
- कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं और परिवारों ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रतिबद्धता जताई।
- जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं से जोड़ा गया।
विश्लेषण: समाज में लिंग समानता का प्रचार
- कन्या जन्मोत्सव जैसे आयोजन सामाजिक सोच को बदलने में सहायक हैं।
- ये पहल ग्रामीण और शहरी दोनों समुदायों में बेटी के जन्म के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देती हैं।
- मिशन शक्ति 5.0 के तहत यह कार्यक्रम महिलाओं की सशक्तिकरण, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम है।
- कार्यक्रम यह संदेश देता है कि सिर्फ बेटी बचाना ही नहीं, उसे समान अवसर देना और उसका उत्सव मनाना भी ज़रूरी है।
डीएमसी रविता राठी का संदेश
“आज की बेटियाँ हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवा रही हैं। शिक्षा, खेल, विज्ञान या प्रशासन — हर क्षेत्र में उनकी प्रतिभा दिखाई दे रही है।
हमें चाहिए कि हम उन्हें समान अवसर दें, उन्हें हर सुख सुविधा मुहैया कराएँ ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल और समाज प्रगतिशील बने।”सोशल मीडिया हाइलाइट्स
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“हर बेटी मुस्कुराए — तभी घर, समाज और देश जगमगाए।”
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तस्वीरों और वीडियो में नवजात बालिकाओं के माता-पिता की मुस्कान, कार्यक्रम की सजावट और जागरूकता अभियान की झलक शामिल।












