मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश: फील्ड में तैनाती केवल ‘परफॉर्मेंस’ पर आधारित होगी
राज्य कर विभाग की समीक्षा में लक्ष्यों की प्राप्ति, जीएसटी में तेजी और फर्जी आईटीसी मामलों पर कड़ा रुख
लखनऊ, 5 अक्टूबर 2025:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राज्य कर विभाग की राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि फील्ड में तैनाती का आधार केवल अधिकारी की प्रदर्शन क्षमता और लक्ष्य प्राप्ति की प्रतिबद्धता होगी। उन्होंने कहा कि केवल वही अधिकारी फील्ड में तैनात किए जाएंगे जिनकी छवि पूरी तरह साफ हो और जो निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हों।
मुख्यमंत्री ने यह समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोनल अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए की। इस दौरान उन्होंने जीएसटी के ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म’ के प्रभाव, बाजार की स्थिति और कर संग्रह में सुधार पर विशेष ध्यान दिया।
मुख्यमंत्री के निर्देश और प्रमुख बिंदु
- फील्ड में केवल प्रदर्शन-प्रतिबद्ध अधिकारी ही तैनात होंगे।
- धनतेरस और दीपावली पर व्यापारियों पर अनावश्यक दबाव, छापेमारी या जांच से बचें।
- वरिष्ठ अधिकारी स्वयं बाजार में जाकर मार्केट मैपिंग करें, व्यापारियों से संवाद बढ़ाएं।
- निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति का संकल्प लेकर कार्य करें।
- फर्जी आईटीसी और बोगस फर्मों के मामलों की तुरंत और कठोर कार्रवाई।
- पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और ईमानदारी पर विशेष बल।
- जीएसटी पंजीकरण बढ़ाने और समय पर रिटर्न फाइल कराने पर जोर।
राजस्व संग्रह की स्थिति
मुख्यमंत्री को बताया गया कि सितम्बर माह तक राज्य कर विभाग की कुल प्राप्ति ₹55,000 करोड़ रही, जिसमें:
- जीएसटी: ₹40,000 करोड़
- वैट/नॉन-जीएसटी: ₹15,000 करोड़
पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में ₹55,136.29 करोड़ की प्राप्ति हुई थी। चालू वित्तीय वर्ष के लिए राज्य कर विभाग का लक्ष्य ₹1.75 लाख करोड़ रखा गया है, जो पिछले वर्ष के ₹1,56,982 करोड़ की तुलना में लगभग ₹18,700 करोड़ अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय जीएसटी संग्रह में अग्रणी योगदान देना चाहिए और इसके लिए हर अधिकारी नियोजित प्रयास सुनिश्चित करे।
जोनवार और खंडवार प्रदर्शन
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान समीक्षा में यह जानकारी साझा की गई:
- बेहतर प्रदर्शन वाले जोन:
- बरेली – 64.2%
- सहारनपुर – 63.7%
- मेरठ – 63.0%
- गोरखपुर – 62.5%
- झांसी – 62.1%
- संतोषजनक: बरेली, झांसी और कानपुर प्रथम जोन में कोई भी खंड 50% से कम संग्रह वाला नहीं।
- सुधार की आवश्यकता: कुछ जोनों में संग्रह 55-58% के बीच, जहाँ लक्ष्य पूर्ति के लिए त्वरित सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जोनवार और खंडवार समीक्षा में कमजोर प्रदर्शन वाले जोनों की जवाबदेही तय की जाएगी।
फर्जी फर्म और आईटीसी मामलों पर कार्रवाई
- अब तक 104 फर्मों में ₹873.48 करोड़ के फर्जी आईटीसी की पहचान की गई।
- सभी मामलों में कठोर दंडात्मक कार्रवाई और जांच जारी।
- लंबित जीएसटी/वैट मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्रणाली में पारदर्शिता और करदाता विश्वास सर्वोपरि है।
व्यापारियों और बाजार पर फोकस
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए:
- वरिष्ठ अधिकारी स्वयं बाजार में जाकर व्यापारियों से संवाद बढ़ाएं।
- मंडी शुल्क में कमी जैसे सुधारों से किसानों को राहत और राजस्व में वृद्धि दोनों सुनिश्चित करें।
- व्यापारियों के साथ सहज और पारदर्शी संवाद बनाए रखें।
- करदाता मित्रवत वातावरण और ई-गवर्नेंस प्रणाली को मजबूत करना आवश्यक।
विश्लेषण
मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट है:
- फील्ड में तैनाती प्रदर्शन आधारित होगी, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि।
- ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म’ ने बाजार में तेजी और कर संग्रह में सुधार लाने की दिशा में मदद की है।
- बोगस फर्मों और फर्जी आईटीसी पर कार्रवाई से राजस्व प्रणाली की साख मजबूत हुई।
- वरिष्ठ अधिकारी खुद मार्केट मैपिंग करें, संवाद बढ़ाएं और लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।
- लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति और पारदर्शी संग्रह प्रणाली राज्य की आर्थिक प्रगति का आधार है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि:
- प्रदर्शन आधारित तैनाती और जवाबदेही पहली प्राथमिकता है।
- पारदर्शिता और व्यापारियों के साथ संवाद राजस्व वृद्धि का आधार हैं।
- लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करते हुए उत्तर प्रदेश को विकसित और अग्रणी राज्य बनाने के लिए कार्य किया जाए।
राज्य कर विभाग की यह समीक्षा केवल संख्याओं तक सीमित नहीं, बल्कि सकारात्मक सुधार, जवाबदेही और पारदर्शिता का मार्गदर्शन भी है।











