Target Tv Live

मेरठ में विद्युत कर्मियों का निजीकरण विरोधी तूफ़ान | यूपी पॉवर सेक्टर में हड़ताल की चेतावनी

मेरठ में विद्युत कर्मियों का निजीकरण विरोधी तूफ़ान | यूपी पॉवर सेक्टर में हड़ताल की चेतावनी

मुख्य हाइलाइट्स
  • मेरठ में आयोजित ‘चिन्तन मंथन शिविर’ में निजीकरण विकल्प खारिज।

  • पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की खबर ने कर्मियों में गुस्सा भड़काया।

  • तीन निजीकरण विकल्प: निजी नौकरी, अन्य निगम में स्थानांतरण, स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति — सभी अस्वीकार्य।

  • पश्चिमांचल के बड़े शहरों में अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी की खबर ने चिंता बढ़ाई।

  • निजीकरण के विरोध में निर्णायक संघर्ष और प्रशिक्षण शिविर आयोजित होंगे।

मेरठ में निजीकरण विरोधी संकल्प

मेरठ में उप्र राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के तत्वावधान में आयोजित शिविर में अभियंताओं ने एकमत होकर निजीकरण के विकल्प खारिज कर दिए।

“निजीकरण के विरोध में संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक यह निर्णय वापस नहीं लिया जाता।” – शिविर में मुख्य वक्ता शैलेन्द्र दुबे

तीन विकल्पों की आलोचना

शैलेन्द्र दुबे ने पावर कारपोरेशन द्वारा पेश तीन विकल्पों का विश्लेषण किया:

  1. निजी कंपनी में नौकरी ज्वॉइन करें
  2. अन्य निगमों में स्थानांतरण
  3. स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लें

दुबे ने स्पष्ट किया कि ये विकल्प कर्मियों के भविष्य के लिए खतरनाक और अस्वीकार्य हैं।

दिल्ली अनुभव ने बढ़ाई चेतावनी

पूर्व दिल्ली विद्युत बोर्ड के इ सत्यपाल और इ यशपाल शर्मा ने निजीकरण के बाद दिल्ली में बिजली कर्मियों और अभियंताओं की दुर्दशा का उदाहरण दिया।

“निजीकरण बेहद भयावह है, पूरी शक्ति से संघर्ष की तैयारी करें।”

पश्चिमांचल में अर्बन फ्रेंचाइजी की खबर ने बढ़ाया गुस्सा

शिविर के दौरान यह खुलासा हुआ कि पश्चिमांचल के बड़े शहरों में अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी लागू की जा रही है।

“जो शहर वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग सिस्टम के तहत हैं, वहां फ्रेंचाइजी का टेंडर निजीकरण के साथ ही जारी होगा।” – शैलेन्द्र दुबे

संघर्ष और प्रशिक्षण की तैयारी

महासचिव जितेन्द्र सिंह गुर्जर ने कहा कि शिविर का उद्देश्य अभियंताओं को निजीकरण विरोधी निर्णायक संघर्ष के लिए प्रशिक्षित करना है।

  • पांच और प्रशिक्षण शिविर आगामी दिनों में डिस्कॉम स्तर पर।
  • अभियंताओं का संकल्प यूपी पॉवर सेक्टर में निजी घरानों को रोकने में निर्णायक होगा।

संघ के अन्य पदाधिकारी

  • उपाध्यक्ष: कृष्णा सारस्वत, मनोज कुमार सिंह
  • संयुक्त सचिव: आलोक श्रीवास्तव
  • संगठन सचिव: जगदीश पटेल
  • सहायक सचिव: निखिल कुमार
  • संघर्ष समिति पश्चिमांचल के संयोजक: सी पी सिंह

🔹 बुलेट पॉइंट्स में प्रमुख बातें

  • निजीकरण विकल्प खारिज, आंदोलन जारी रखने का संकल्प।
  • पूर्वांचल और दक्षिणांचल निगम के निजीकरण के विरोध में गुस्सा।
  • दिल्ली के अनुभव से चेतावनी।
  • पश्चिमांचल में अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी की खबर से बढ़ी चिंता।
  • पांच और प्रशिक्षण शिविर आगामी दिनों में।
  • निजीकरण के विरोध में निर्णायक संघर्ष की तैयारी।

निष्कर्ष:

मेरठ शिविर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश के विद्युत कर्मी निजीकरण को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार और पावर कारपोरेशन को संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा।

Leave a Comment

यह भी पढ़ें