कबड्डी के मैदान पर बेटियों का परचम
GGIC मीरापुर बांगर की टीम ने मानपुर अंडर-17 प्रतियोगिता जीत, किया पूरे क्षेत्र का नाम रोशन
बिजनौर, अवनीश त्यागी:
बिजनौर जिले के मानपुर में आयोजित अंडर-17 कबड्डी प्रतियोगिता में बेटियों ने ऐसा जलवा बिखेरा कि दर्शक दंग रह गए। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, मीरापुर बांगर की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन कर प्रथम स्थान हासिल किया। इस जीत से न सिर्फ विद्यालय का, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ गया।
बेटियों का जज़्बा और जीत की कहानी
यह प्रतियोगिता बेहद रोमांचक रही। मैदान में जब मीरापुर बांगर की बेटियाँ उतरीं, तो उनका आत्मविश्वास देखते ही बन रहा था। टीम की कप्तान पायल ने पूरी टीम को जोश और रणनीति से आगे बढ़ाया। खिलाड़ियों खुशी, चांदनी, सृष्टि, पायल देवी, पल्लवी, हिमानी, हिमांशी, यशिका और शिक्षा ने शानदार तालमेल दिखाया।
मैच का निर्णायक क्षण तब आया जब शिक्षा और पल्लवी ने लगातार अंक लेकर विपक्षी टीम को पछाड़ दिया। उनकी फुर्ती, ताक़त और मैदान पर दबदबे ने दर्शकों को खड़े होकर तालियाँ बजाने पर मजबूर कर दिया।
विद्यालय की बड़ी उपलब्धि
यह विद्यालय वर्ष 2022 में स्थापित हुआ था। महज़ तीन साल में ही इसने यह साबित कर दिया कि यह बेटियों की शिक्षा और खेलों को नई दिशा देने वाला केंद्र है।
प्रधानाचार्य एवं प्रशिक्षक रवि कान्त ने कहा —
“हमारा सपना था कि बेटियाँ शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी चमकें। आज यह सपना साकार हुआ है। यह जीत बेटियों के कठिन परिश्रम, अनुशासन और प्रशिक्षकों के समर्पण का नतीजा है।”
शिक्षकों और प्रशिक्षकों का अहम योगदान
- खेल प्रभारी प्रदीप कुमार ने टीम को निरंतर मार्गदर्शन दिया और खिलाड़ियों को नई तकनीक सिखाई।
- शिक्षिकाएँ पूनम रानी और विशाखा मैच के दौरान मैदान पर ही मौजूद रहीं और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाती रहीं।
- इस सामूहिक प्रयास ने जीत को और मज़बूत बना दिया।
क्षेत्र में गूंजा जीत का जश्न
इस जीत की खबर फैलते ही विद्यालय परिवार, अभिभावक और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। जगह-जगह छात्राओं का सम्मान करने की तैयारी की जा रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है —
“मीरापुर बांगर की बेटियाँ सिर्फ पढ़ाई में नहीं, बल्कि खेलों में भी अपना नाम कमा रही हैं। यह पूरे जिले के लिए गर्व का पल है।”
भविष्य की नई उम्मीदें
इस ऐतिहासिक सफलता के बाद विद्यालय की छात्राओं में खेलों को लेकर और भी उत्साह देखने को मिल रहा है। उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यही बेटियाँ राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी जिले का नाम रोशन करेंगी।
👉 यह जीत सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक संदेश है —
“अगर बेटियों को अवसर और प्रोत्साहन मिले, तो वे हर मैदान में जीत का परचम लहरा सकती हैं।”











