साइबर अपराध से निपटने की बड़ी तैयारी
प्रतापगढ़ में संपन्न हुई दो दिवसीय साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यशाला

डिजिटल युग की सबसे बड़ी चुनौती “साइबर क्राइम” से निपटने के लिए पुलिस कर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, सुरक्षा और जागरूकता दोनों पर जोर
विस्तृत खबर
प्रतापगढ़ पुलिस लाइन के सई कॉम्प्लेक्स/बेल्हा हाल में 19 और 20 सितंबर को दो दिवसीय साइबर अपराध, साइबर सुरक्षा और साइबर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम प्रयागराज जोन के अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. संजीव गुप्ता और पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज रेंज के आदेश पर, पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ के निर्देशन में संपन्न हुआ।
जोनल साइबर कमांडो उपनिरीक्षक उत्तम सिंह ने प्रतिभागियों को आधुनिक साइबर अपराधों के तौर-तरीकों से अवगत कराया। प्रशिक्षण में जिले के सभी साइबर थाना, साइबर सेल और थानों में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए।
हाइलाइट्स
- स्थान: सई कॉम्प्लेक्स/बेल्हा हाल, पुलिस लाइन, प्रतापगढ़
- तिथि: 19-20 सितंबर 2025
- प्रशिक्षक: जोनल साइबर कमांडो उ.नि. उत्तम सिंह
- प्रतिभागी: साइबर नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी, साइबर थाना प्रभारी व कर्मचारी, साइबर हेल्प डेस्क से जुड़े पुलिसकर्मी
- उद्देश्य: साइबर अपराध की रोकथाम, विवेचना और आमजन को ठगी से बचाना
प्रशिक्षण का फोकस
- ✅ ऑनलाइन ठगी और बैंकिंग फ्रॉड रोकने के उपाय
- ✅ एटीएम कार्ड, यूपीआई और नेट बैंकिंग धोखाधड़ी से बचाव की तकनीक
- ✅ सोशल मीडिया अपराधों जैसे फेक अकाउंट, ब्लैकमेलिंग और मॉर्फिंग की पहचान
- ✅ साइबर फॉरेंसिक टूल्स की मदद से साक्ष्य जुटाने की तकनीक
- ✅ जनजागरूकता अभियानों की रणनीति – गांव से लेकर शहर तक लोगों को जागरूक करना
स्थानीय संदर्भ: प्रतापगढ़ में साइबर फ्रॉड के मामले
प्रतापगढ़ समेत पूरे प्रयागराज जोन में पिछले कुछ महीनों में ऑनलाइन ठगी, OLX और नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, और यूपीआई स्कैम के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई ग्रामीणों से मोबाइल लिंक शेयर कराने के बाद खाते से लाखों रुपये उड़ाए गए।
ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए पुलिस को न सिर्फ तकनीकी जानकारी बल्कि रियल-टाइम रिस्पॉन्स सिस्टम की जरूरत होती है। यह प्रशिक्षण उसी दिशा में अहम कदम है।
आमजन के लिए संदेश
कार्यशाला का एक बड़ा फोकस जनता को सतर्क करना भी रहा। प्रशिक्षण में यह दोहराया गया कि –
- कोई भी अज्ञात लिंक या ओटीपी साझा न करें।
- सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें।
- किसी भी साइबर अपराध की शिकायत तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर दर्ज करें।
निष्कर्ष
यह दो दिवसीय प्रशिक्षण पुलिस बल को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल युग में अपराधियों की चालें जितनी तेज़ हो रही हैं, उतनी ही तेज़ पुलिस की तैयारी भी होनी चाहिए। प्रतापगढ़ की यह कार्यशाला इसी दिशा में एक ठोस पहल मानी जा रही है।
✍️ रिपोर्ट: अद्वैत दशरथ तिवारी











