बिजनौर राष्ट्रीय लोक अदालत: 99.98% मामलों का निस्तारण, न्याय व्यवस्था में नया कीर्तिमान

🔹 हाइलाइट्स
- कुल 54,690 मामलों में से 54,684 का निस्तारण
- फौजदारी और प्री-लिटिगेशन में 100% निस्तारण
- लोक अदालतों के माध्यम से जनता को तेज़ और सुलभ न्याय
- न्यायपालिका ने दिखाया संचालन और समर्पण का असर
बिजनौर, 13 सितंबर 2025:
बिजनौर कलेक्ट्रेट में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक प्रणाली ने इतिहास रच दिया। ज़िलाधिकारी जसजीत कौर के नेतृत्व में कुल 54,690 वाद प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 54,684 वादों का निस्तारण किया गया, यानी 99.98% मामलों का त्वरित समाधान।
जिलाधिकारी जसजीत कौर का सक्रिय योगदान
- राजस्व संहिता: 15 वादों में से 10 का निस्तारण
- स्टाम्प: 3 वादों में से 2 का समाधान
जिलाधिकारी ने कहा,
“लोक अदालतों का उद्देश्य जनता को न्याय के लिए लंबी प्रतीक्षा से बचाना है। आज हमने यह लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया।”
विभागवार निस्तारण का आंकड़ा
| विभाग | प्रस्तुत वाद | निस्तारित वाद | प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| स्टाम्प | 3 | 2 | 66.7% |
| राजस्व संहिता | 316 | 311 | 98.4% |
| फौजदारी अधिनियम | 608 | 608 | 100% |
| प्री-लिटिगेशन | 53,763 | 53,763 | 100% |
कुल वाद: 54,690 | निस्तारित: 54,684 | निस्तारण प्रतिशत: 99.98%
न्याय की त्वरित प्रक्रिया
- बड़ी संख्या में पक्षकारों को तत्काल न्याय मिला
- न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित
- राज्य में लोक अदालतों की प्रभावशीलता का प्रतीक
🔹 हाइलाइट्स
- कुल 54,690 मामलों में से 54,684 का निस्तारण
- फौजदारी और प्री-लिटिगेशन में 100% निस्तारण
- लोक अदालतों के माध्यम से जनता को तेज़ और सुलभ न्याय
- न्यायपालिका ने दिखाया संचालन और समर्पण का असर
यह आयोजन साबित करता है कि लोक अदालतें केवल कागज़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनता के लिए तत्काल और असरदार न्याय उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम हैं।











